रांची में 3rd झारखंड NEOCON का आगाज़, नवजातों के उन्नत इलाज पर तीन दिवसीय मंथन
17 से 19 अप्रैल तक राजेंद्र इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंस ऑडिटोरियम में देशभर के विशेषज्ञ जुटेंगे, प्री-टर्म और गंभीर नवजातों की देखभाल पर वर्कशॉप व प्रशिक्षण आयोजित

रांची: राजधानी रांची में नवजात शिशुओं की उन्नत और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवा को नई दिशा देने के उद्देश्य से तीन दिवसीय शैक्षणिक सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। 17, 18 और 19 अप्रैल को राजेंद्र इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंस (रिम्स) ऑडिटोरियम में 3rd झारखंड NEOCON का आयोजन होगा। यह सम्मेलन खासतौर पर समय से पहले जन्मे (प्री-टर्म) और गंभीर रूप से बीमार नवजात शिशुओं के समुचित इलाज, आधुनिक तकनीकों और बेहतर प्रबंधन पर केंद्रित रहेगा।
आयोजकों के अनुसार, सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य राज्य में नवजात मृत्यु दर को कम करना और अत्याधुनिक उपचार पद्धतियों को जमीनी स्तर तक पहुंचाना है। कार्यक्रम के पहले दिन तीन विशेष वर्कशॉप आयोजित की जाएंगी। इनमें से दो वर्कशॉप रिम्स के नियोनेटोलॉजी विभाग के अंतर्गत होंगी, जहां नवजातों के वेंटिलेशन, रेससिटेशन और इंटेंसिव केयर से जुड़ी तकनीकों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। वहीं एक विशेष वर्कशॉप रानी हॉस्पिटल में आयोजित होगी, जहां विशेषज्ञ डॉक्टर क्लिनिकल केस स्टडी और एडवांस केयर मैनेजमेंट पर चर्चा करेंगे।
सम्मेलन में झारखंड और बिहार के अलावा देश के विभिन्न हिस्सों से आए वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ, नियोनेटोलॉजिस्ट और चिकित्सा शोधकर्ता भाग लेंगे। इस दौरान नवजात चिकित्सा के क्षेत्र में हो रहे नए शोध, अत्याधुनिक उपकरणों के उपयोग, संक्रमण नियंत्रण, पोषण प्रबंधन और हाई-रिस्क नवजातों की देखभाल जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे शैक्षणिक सम्मेलन न केवल डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की क्षमता को बढ़ाते हैं, बल्कि राज्य के दूर-दराज इलाकों में भी गुणवत्तापूर्ण नवजात सेवाओं को सुदृढ़ करने में मददगार साबित होते हैं। प्रशिक्षण सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों को व्यवहारिक ज्ञान दिया जाएगा, ताकि आपात स्थिति में नवजातों को त्वरित और प्रभावी उपचार मिल सके।
आयोजकों ने उम्मीद जताई है कि 3rd झारखंड NEOCON के माध्यम से नवजात चिकित्सा के क्षेत्र में समन्वय, अनुसंधान और प्रशिक्षण को बढ़ावा मिलेगा, जिससे हर नवजात को सुरक्षित, प्रभावी और बेहतर इलाज सुनिश्चित किया जा सके। यह सम्मेलन राज्य में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
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