थक-हारकर मां पहुंची High Court तो जगी न्याय की उम्मीद, 2020 से गायब बेटी की तलाश में अब उतरेगी CBI
बोकारो से करीब छह साल पहले रहस्यमयी तरीके से गायब हुई 14 वर्षीय नाबालिग लड़की के मामले में अब जांच की दिशा पूरी तरह बदल गई है।

CBI Investigate Bokaro Case: बोकारो से करीब छह साल पहले रहस्यमयी तरीके से गायब हुई 14 वर्षीय नाबालिग लड़की के मामले में अब जांच की दिशा पूरी तरह बदल गई है। साल 2020 से अनसुलझी पहेली बने इस संवेदनशील केस की गुत्थी को सुलझाने के लिए अब देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी CBI मैदान में उतरने को तैयार है। झारखंड High Court में इस मामले को लेकर आगामी 25 अगस्त को बेहद महत्वपूर्ण सुनवाई होने वाली है, जहां केस को आधिकारिक तौर पर सौंपने पर अंतिम मुहर लग सकती है।
अक्टूबर 2020 में हुई थी लापता, नार्को टेस्ट के बाद भी नहीं मिला कोई सुराग
यह पूरा मामला अक्टूबर 2020 का है, जब बोकारो से अचानक 14 साल की एक नाबालिग किशोरी रहस्यमय परिस्थितियों में गायब हो गई थी। परिजनों की शिकायत पर स्थानीय थाने में अपहरण की FIR दर्ज की गई थी। स्थानीय पुलिस ने मामले की तह तक जाने के लिए हर मुमकिन कोशिश की और तीन प्रमुख संदिग्धों का नार्को टेस्ट तक कराया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद पुलिस के हाथ पूरी तरह खाली रहे और लड़की का कोई अता-पता नहीं चल सका। इसके बाद न्याय की गुहार लगाते हुए थक-हारकर पीड़िता की बेबस मां ने झारखंड High Court का दरवाजा खटखटाया।
CID जांच की प्रगति से संतुष्ट नहीं हुआ High Court, अंतरराज्यीय गिरोह की आशंका
मामला जब High Court पहुंचा तो राज्य सरकार ने अदालत को अवगत कराया कि केस की जांच CID को सौंप दी गई है। हालांकि, CID द्वारा पेश की गई प्रगति रिपोर्ट का बारीकी से अध्ययन करने के बाद अदालत इस नतीजे पर पहुंची कि इस गंभीर अपराध के तार झारखंड की सीमाओं से बाहर अन्य राज्यों तक फैले हो सकते हैं। इसे देखते हुए अदालत ने माना कि अंतरराज्यीय स्तर पर फैले इस नेटवर्क की पड़ताल के लिए केंद्रीय एजेंसी की जरूरत है और केस को CBI को ट्रांसफर करने का प्रस्ताव रखा गया।
सरकार और CBI दोनों ने दी सहमति, 25 अगस्त के आदेश पर टिकी निगाहें
इस मामले में सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि राज्य सरकार ने केस CBI को सौंपे जाने पर अपनी पूर्ण सहमति दे दी है। इसके साथ ही CBI ने भी अदालत के निर्देश पर जांच की कमान संभालने के लिए अपनी रजामंदी जता दी है। अब सभी पक्षों और पीड़ित परिवार की निगाहें 25 अगस्त को High Court में होने वाली सुनवाई और आने वाले अंतिम औपचारिक आदेश पर टिकी हैं, जिससे कई सालों से इंसाफ की आस लगाए बैठी मां को अपनी बेटी के बारे में सच जानने की उम्मीद जगी है।

specializes in local and regional stories, bringing simple, factual, and timely updates to readers.
Related Posts

चतरा के चांदनी होटल में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, कमरा खुलते ही उड़े पुलिस के होश, संचालक का बेटा भी चढ़ा हत्थे

'4.5 लाख की घूस मांगी, 50 हजार लेते पकड़ी गईं!', खूंटी महिला थाना की पूर्व थानेदार सुलेखा कुमारी की जमानत खारिज







