स्टेडियम में कैद, फिर भी नहीं थमा बवाल..., गिरिडीह में हेमंत सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरे छात्र और BJP नेता!
गिरिडीह में छात्रों और भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन व मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के खिलाफ प्रदर्शन किया। पुलिस ने सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को डिटेन कर स्टेडियम पहुंचाया, जहां विरोध जारी रहा।

झारखंड के गिरिडीह में सियासी बवाल और छात्रों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार का दिन पुलिस प्रशासन के लिए भारी पड़ा और हालात ऐसे बन गए कि पुलिस के पसीने छूट गए। एक तरफ भारी पुलिस बल भाजपा नेताओं और छात्रों को झंडा मैदान में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन करने से रोकने की पूरी कोशिश कर रहा था, लेकिन दूसरी तरफ तेज-तर्रार छात्रों ने पुलिस को गच्चा देते हुए पुतले को आग के हवाले कर ही दिया। इसके बाद तो जैसे पूरे गिरिडीह शहर के अलग-अलग हिस्सों में पुतला दहन की झड़ी लग गई।
पुलिस ने अंबेडकर चौक पर घेरा, सरकार के खिलाफ गूंजे नारे
झंडा मैदान में पुतला फूंकने के बाद जब भाजपा नेताओं और छात्रों का भारी हुजूम बाहर निकला, तो सदर एसडीएम धीरेंद्र कुमार की अगुवाई में मुस्तैद पुलिस बल ने उन्हें अंबेडकर चौक पर चारों तरफ से घेर लिया। पुलिस की इस घेराबंदी के बीच महानगर अध्यक्ष रंजीत राय, महादेव दुबे, भाजपा नेत्री विनीता कुमारी, दिलीप वर्मा, सुनील पासवान, अरविंद बरनवाल, रामबाबू साहू, नवीन सिन्हा और जयशंकर सिन्हा समेत सैकड़ों की तादाद में मौजूद भाजपा नेताओं और छात्रों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के खिलाफ जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। सड़क पर सरकार के खिलाफ जबरदस्त आक्रोश और तनातनी का माहौल देखने को मिला।
प्रदर्शनकारियों को किया गया डिटेन, स्टेडियम में भी जारी रहा हंगामा
अंबेडकर चौक पर बढ़ते हंगामे को शांत करने के लिए पुलिस ने एक्शन लिया और सैकड़ों की संख्या में मौजूद भाजपा नेताओं व छात्रों को हिरासत (डिटेन) में ले लिया। सभी को वहां से सीधे गिरिडीह स्टेडियम ले जाया गया। हालांकि, पुलिस की यह कार्रवाई भी उनके गुस्से को शांत नहीं कर सकी। हिरासत में होने के बावजूद भाजपाइयों और छात्रों ने हेमंत सरकार और मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। इसी बीच खबर आई कि छात्रों के एक अन्य गुट ने मधुबन बेजिस रोड में भी पुतला दहन कर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
तीन किलोमीटर का पैदल मार्च और मुफ्फसिल थाने के बाहर बवाल
सियासी ड्रामे का अंत यहीं नहीं हुआ। इसके बाद सभी प्रदर्शनकारी पैदल ही करीब तीन किलोमीटर का सफर तय करके मुफ्फसिल थाना के पास पहुंचे। पुलिस के कड़े पहरे के बीच मुफ्फसिल थाने के ठीक बाहर एक बार फिर पुतला दहन किया गया। इसके बाद छात्रों की टोली ने स्टेडियम में लौटकर भी जमकर हंगामा काटा। आक्रोशित लोगों और छात्रों ने एक सुर में हेमंत सरकार और मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू को सख्त अल्टीमेटम दे दिया है कि अगर उनकी आवाज दबाने की कोशिश की गई, तो यह आंदोलन आने वाले दिनों में और भी ज्यादा उग्र हो जाएगा।
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