रांची सदर अस्पताल में गहराया जल संकट, बूंद-बूंद पानी को तरसे मरीज
राजधानी रांची के दूसरे सबसे बड़े सरकारी चिकित्सा केंद्र, सदर अस्पताल में बुधवार सुबह से ही एक अभूतपूर्व जल संकट पैदा हो गया है। हालात इतने गंभीर हैं कि पूरा अस्पताल परिसर पूरी तरह से 'ड्राई जोन' में तब्दील हो चुका है।

Jharkhand (Ranchi): राजधानी रांची के दूसरे सबसे बड़े सरकारी चिकित्सा केंद्र, सदर अस्पताल में बुधवार सुबह से ही एक अभूतपूर्व जल संकट पैदा हो गया है। हालात इतने गंभीर हैं कि पूरा अस्पताल परिसर पूरी तरह से 'ड्राई जोन' में तब्दील हो चुका है। आईसीयू (ICU), जनरल वार्ड और यहां तक कि लेबर रूम जैसे अति-संवेदनशील हिस्सों में भी पानी की एक बूंद नहीं पहुंच पा रही है। एक ओर जहां भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है, वहीं दूसरी ओर पानी की इस भारी किल्लत ने मरीजों और उनके परिजनों का हाल बेहाल कर दिया है।

मरीजों और उनके तीमारदारों की मानें तो सुबह से ही अस्पताल के किसी भी नल में पानी नहीं आ रहा है। पानी के अभाव में लोग बाथरूम तक नहीं जा पा रहे हैं, जिससे अस्पताल में स्वच्छता संबंधी परेशानी भी खड़ी हो गई है। सबसे ज्यादा फजीहत उन मरीजों की हो रही है जो ऊपरी मंजिलों पर भर्ती हैं। सूखते गले के साथ उन्हें पांच तल्ला नीचे उतरना पड़ रहा है और फिर कड़ाके की तेज धूप में अस्पताल के बाहर की दुकानों से पीने का पानी खरीद कर लाना पड़ रहा है। बीमारी की हालत में पीने के पानी के लिए दर-दर भटकना मरीजों के लिए एक बड़ा सिरदर्द बन गया है।

सदर अस्पताल के इतिहास में इस तरह की विकट परिस्थिति पहली बार सामने आई है। इस संकट का मुख्य कारण पीएचईडी (PHED) विभाग की पानी की पाइपलाइन का क्षतिग्रस्त होना बताया जा रहा है, जो पूरे अस्पताल में जलापूर्ति करती है। स्थिति की मजबूरी को देखते हुए सदर अस्पताल प्रबंधन ने फौरी राहत के तौर पर रांची नगर निगम से संपर्क कर पानी के टैंकर मंगवाए हैं। रांची के सिविल सर्जन ने भी इस मामले में कड़े निर्देश दिए हैं, जिसके बाद व्यवस्था को दुरुस्त करने का काम शुरू कर दिया गया है।
हालांकि, प्रशासनिक कोशिशों के बावजूद अब तक मरीजों को कोई खास राहत नहीं मिल पाई है। एक तो आसमान से बरसती आग जैसी गर्मी और ऊपर से पानी का न मिलना, दोनों ने मिलकर स्थिति को दयनीय बना दिया है। फिलहाल यह कह पाना बेहद मुश्किल है कि पाइपलाइन की मरम्मत का काम कब तक पूरा होगा और मरीजों को इस भीषण जल संकट से कब तक पूरी तरह से निजात मिल सकेगी।
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