Video! : सदर अस्पताल में तिरंगा लेकर निकले देवेंद्र महतो को पुलिस ने रोका, धक्का-मुक्की का आरोप
रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आयोजित तिरंगा यात्रा में जाने के लिए जैसे ही देवेंद्र महतो तिरंगा लेकर अस्पताल के कमरे से बाहर निकले, वहां पहले से मौजूद भारी पुलिस बल ने उनका रास्ता रोक लिया। इस दौरान पुलिस और JLKM नेता के बीच तीखी बहस हुई और महतो ने पुलिस पर धक्का-मुक्की करने का आरोप लगाया।

Ranchi: झारखंड की राजधानी रांची में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उस वक्त भारी हंगामा देखने को मिला, जब सदर अस्पताल में भर्ती झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के नेता देवेंद्र नाथ महतो को पुलिस ने तिरंगा यात्रा में शामिल होने से रोक दिया। रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आयोजित तिरंगा यात्रा में जाने के लिए जैसे ही देवेंद्र महतो तिरंगा लेकर अस्पताल के कमरे से बाहर निकले, वहां पहले से मौजूद भारी पुलिस बल ने उनका रास्ता रोक लिया। इस दौरान पुलिस और JLKM नेता के बीच तीखी बहस हुई और महतो ने पुलिस पर धक्का-मुक्की करने का आरोप लगाया।

14वें दिन भी भूख हड़ताल जारी, सदर अस्पताल में भर्ती हैं महतो
उल्लेखनीय है कि देवेंद्र नाथ महतो 2 अगस्त से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं और उनकी भूख हड़ताल का 14वां दिन है। रांची विधानसभा घेराव मार्च के बाद तबीयत बिगड़ने पर उन्हें सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
15 अगस्त के दिन उन्होंने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से निकलने वाली युवाओं की तिरंगा यात्रा में शामिल होने की इच्छा जाहिर की थी। लेकिन पुलिस ने सुरक्षा का हवाला देते हुए उन्हें कमरे से बाहर निकलने नहीं दिया और आराम करने की सलाह दी।

"अंदर रखकर जान से मारना चाहती है पुलिस"
इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X और व्हाट्सएप ग्रुप्स पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में देवेंद्र महतो हाथ में तिरंगा लिए बाहर जाने की कोशिश करते दिख रहे हैं और पुलिसकर्मी उन्हें रोक रहे हैं। वीडियो में महतो आक्रोशित होकर पुलिसकर्मियों पर आरोप लगाते हुए कहते नजर आ रहे हैं, "आप लोग मुझे अंदर रखकर जान से मारना चाहते हैं।" उन्होंने कहा कि सुबह से ही उनके कमरे के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया था ताकि वे झंडोत्तोलन और तिरंगा यात्रा में हिस्सा न ले सकें।

कमरे के बाहर धरने पर बैठे, इलाज कराने से किया मना
देवेंद्र नाथ महतो ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि 14 दिनों से भूखे रहने के बावजूद पुलिस ने उनके और उनके साथियों के साथ बलप्रयोग व धक्का-मुक्की की। उन्होंने कहा कि इस तरह से उनकी आवाज को दबाया नहीं जा सकता। पुलिस द्वारा लगातार रोके जाने के बाद महतो अपने अस्पताल के कमरे के गेट के बाहर ही जमीन पर धरने पर बैठ गए। उन्होंने साफ कर दिया है कि जब तक उन्हें बाहर जाने की अनुमति नहीं मिलती, वे कमरे के बाहर ही बैठे रहेंगे और अपना इलाज भी आगे नहीं करवाएंगे।
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