Video! : शिबू सोरेन के गांव से शुरू होगी नई जंग!, JPSC-CGL धांधली पर आर-पार के मूड में अभ्यर्थी, CM आवास घेराव की तैयारी
झारखंड में पिछले 26 दिनों से भर्ती परीक्षाओं में धांधली और अपारदर्शिता के खिलाफ मोर्चा खोले युवाओं का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है।

JPSC-JSSC Protest: झारखंड में पिछले 26 दिनों से भर्ती परीक्षाओं में धांधली और अपारदर्शिता के खिलाफ मोर्चा खोले युवाओं का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की अगुवाई में आंदोलनरत अभ्यर्थियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का बड़ा ऐलान कर दिया है। 11वीं से 13वीं JPSC, JSSC-CGL, फूड सेफ्टी ऑफिसर (FSO) और CDPO जैसी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों का सीधा आरोप है कि सरकार कोर्ट में सीआईडी जांच के तथ्यों को मजबूती से पेश करने में नाकाम रही है, जिसके चलते भ्रष्ट तत्वों को राहत मिल रही है और निर्दोष छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है।
24 अगस्त से 'भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा', गुरुजी के गांव नेमरा से आगाज
अदालत से भर्ती रद्द करने के आदेश पर स्टे मिलने के बाद अभ्यर्थियों में आक्रोश और गहरा गया है। इसके विरोध में छात्रों ने अपने आंदोलन का अगला चरण घोषित करते हुए 24 अगस्त से पूरे राज्य में ‘भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा’ शुरू करने का फैसला लिया है। इस यात्रा की शुरुआत दिशोम गुरु शिबू सोरेन के पैतृक गांव नेमरा से की जाएगी। इसके बाद यह यात्रा राज्य के सभी 24 जिलों के मुख्यालयों, प्रमुख चौक-चौराहों, विश्वविद्यालयों और लाइब्रेरी हब तक पहुंचेगी। इस यात्रा का मुख्य मकसद आम जनता को भर्ती सिस्टम के भ्रष्टाचार के प्रति जागरूक करना और सरकार पर स्थायी सुधार का दबाव बनाना है।
15 सितंबर तक का अल्टीमेटम, वरना होगा चक्का जाम और CM आवास घेराव
अभ्यर्थियों ने राज्य सरकार को 15 सितंबर को होने वाली हाईकोर्ट की अगली सुनवाई तक का अल्टीमेटम दिया है। देवेंद्र नाथ महतो ने स्पष्ट कहा कि अगर सरकार ने 15 सितंबर को अदालत में सभी सबूतों के साथ मजबूती से अपना पक्ष नहीं रखा, तो आंदोलन उग्र रूप ले लेगा। इसके बाद पूरे झारखंड में अनिश्चितकालीन चक्का जाम किया जाएगा और हजारों की संख्या में छात्र मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे।
'दागदार और निर्दोष अभ्यर्थियों में फर्क करे सरकार'
आंदोलनकारियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ किया कि उनकी यह लड़ाई मेहनत से परीक्षा पास करने वाले योग्य अभ्यर्थियों के खिलाफ बिल्कुल नहीं है। वे चाहते हैं कि सरकार जांच के जरिए 'दागदार' और 'निर्दोष' अभ्यर्थियों के बीच स्पष्ट अंतर करे, ताकि फर्जी तरीके से आए लोग बाहर हों और योग्य युवाओं को उनका हक मिले। इसके साथ ही छात्रों ने PGT, नगरपालिका, लैब असिस्टेंट, उत्पाद सिपाही, फील्ड वर्कर और स्टेनोग्राफर जैसी अन्य परीक्षाओं में हुई धांधली की भी जांच की मांग उठाई है।
महापुरुषों के विचारों से प्रेरणा लेकर जारी रहेगा आंदोलन
छात्र नेताओं ने कहा कि भविष्य में होने वाली सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक, पैरवी और धांधली की गुंजाइश को पूरी तरह खत्म करने के लिए सरकार को कड़ा और पारदर्शी कानून सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन भगवान बिरसा मुंडा, सिदो-कान्हू, विनोद बाबू, निर्मल महतो और गुरुजी शिबू सोरेन के विचारों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ेगा और जब तक झारखंड की भर्ती व्यवस्था में स्थायी सुधार नहीं होता, यह लड़ाई जारी रहेगी।

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