'भविष्य बर्बाद कर रही यूनिवर्सिटी!', परीक्षाओं और रिजल्ट में देरी से भड़के छात्र, सरकार से की ये बड़ी मांग
झारखंड के विश्वविद्यालयों में परीक्षा और रिजल्ट में देरी से छात्र नाराज हैं। छात्रों ने अकादमिक कैलेंडर लागू करने, लंबित परीक्षाएं व परिणाम जल्द जारी करने और 10 अगस्त की घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की।

Jamshedpur: जमशेदपुर स्थित कोल्हान विश्वविद्यालय समेत पूरे झारखंड के सरकारी विश्वविद्यालयों में उच्च शिक्षा की हालत खस्ता होती जा रही है। परीक्षाओं के आयोजन में महीनों की देरी और फिर रिजल्ट लटकाने की आदत से राज्य भर के हजारों छात्रों का गुस्सा अब चरम पर पहुंच गया है। छात्रों का कहना है कि यूनिवर्सिटी और कॉलेज प्रशासन की इस घोर लापरवाही का खामियाजा उन्हें अपना भविष्य दांव पर लगाकर भुगतना पड़ रहा है।
समय पर नहीं आया रिजल्ट तो छूट जाएंगी नौकरियां
छात्रों ने साफ शब्दों में अपनी पीड़ा बयां करते हुए कहा कि परीक्षाओं का समय पर न होना और रिजल्ट में लगातार देरी होना सीधे तौर पर उनके सपनों को कुचल रहा है। जब तक यूनिवर्सिटी एक सेमेस्टर का रिजल्ट जारी करती है, तब तक कई सरकारी नौकरियों, प्रतियोगी परीक्षाओं और देश के बड़े संस्थानों में उच्च शिक्षा के नामांकन की तारीखें निकल चुकी होती हैं। ऐसे में झारखंड का एक आम छात्र बिना किसी गलती के सिर्फ प्रशासनिक लेट-लतीफी की वजह से बड़े-बड़े अवसरों से वंचित हो रहा है।
लागू हो एकेडमिक कैलेंडर, सार्वजनिक हो एक्शन प्लान
बढ़ते असंतोष के बीच छात्रों ने राज्य सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने अपनी स्पष्ट मांगें रखी हैं। उन्होंने मांग की है कि सभी विश्वविद्यालयों में पूर्व निर्धारित शैक्षणिक एवं परीक्षा कैलेंडर को सख्ती से लागू किया जाए। समय सीमा तय कर सभी लंबित परीक्षाओं को कराया जाए और अटके हुए परिणामों को जल्द से जल्द जारी किया जाए। इसके साथ ही, कई सालों से लेट चल रहे शैक्षणिक सत्रों को दोबारा पटरी पर लाने के लिए एक ठोस और पारदर्शी कार्ययोजना तैयार कर उसे सार्वजनिक किया जाए, ताकि छात्रों को पता चल सके कि उनका सत्र कब पूरा होगा।
10 अगस्त के लाठीचार्ज और अभद्रता की हो निष्पक्ष जांच
शैक्षणिक मुद्दों के अलावा छात्रों ने 10 अगस्त को हुए विधानसभा मार्च का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया है। आंदोलनकारी छात्रों ने आरोप लगाया कि विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस प्रशासन द्वारा छात्र-छात्राओं, महिलाओं और युवाओं के साथ काफी अभद्र व्यवहार और हिंसा की गई थी। छात्रों ने सरकार से अपील की है कि इस पूरे मामले की किसी निष्पक्ष एजेंसी से पारदर्शी जांच कराई जाए। यदि कोई भी अधिकारी या कर्मी इसमें दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
'यह लड़ाई भविष्य की, राजनीति से कोई लेना-देना नहीं'
अपने आंदोलन की रूपरेखा स्पष्ट करते हुए छात्र नेताओं ने दोटूक कहा कि उनका यह विरोध प्रदर्शन किसी भी राजनीतिक पार्टी से प्रेरित या संचालित नहीं है। यह लड़ाई सिर्फ और सिर्फ झारखंड के लाखों युवाओं के शैक्षणिक अधिकारों, उनके स्वाभिमान और सुरक्षित भविष्य को लेकर है। उन्होंने राज्य सरकार और राजभवन से गुहार लगाई है कि इस मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत सकारात्मक पहल की जाए, वरना आने वाले दिनों में छात्र सड़कों पर और बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
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