पलामू में 'खून का बदला खून'!, 2025 के कत्ल का बदला लेने के लिए बुजुर्ग का अपहरण कर उतारा मौत के घाट, फिर...
पलामू जिले के मोहम्मदगंज से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है। यहां पुलिस ने 60 वर्षीय मुटुर मुसहर के अपहरण और कत्ल की खौफनाक गुत्थी को सुलझा लिया है।


Palamu: पलामू जिले के मोहम्मदगंज से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है। यहां पुलिस ने 60 वर्षीय मुटुर मुसहर के अपहरण और कत्ल की खौफनाक गुत्थी को सुलझा लिया है। यह पूरी वारदात किसी क्राइम थ्रिलर से कम नहीं है, जहां साल 2025 में हुए एक कत्ल का बदला लेने के लिए इस खूनी खेल को अंजाम दिया गया था। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनकी ही निशानदेही पर बिहार के डेहरी स्थित श्मशान घाट के पास सोन नदी के किनारे से मृतक का नर-कंकाल बरामद कर लिया है।
2025 के कत्ल से जुड़ी हैं इस हत्याकांड की तारें
पलामू पुलिस के खुलासे के मुताबिक, इस सनसनीखेज हत्याकांड की जड़ें साल 2025 में हुए नंदन मुसहर कत्लकांड से जुड़ी हुई हैं। 2025 में दशहरे के दौरान नंदन मुसहर की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी और उसके शव को कोयल नदी में फेंक दिया गया था। बेटे की हत्या से आहत पिता दिनेश मुसहर के दिल में बदले की आग सुलग रही थी। इसी बदले की भावना में अंधे होकर दिनेश मुसहर और उसके सहयोगियों ने मुटुर मुसहर के अपहरण और हत्या की खौफनाक साजिश रच डाली।
बिहार तक बिछा पुलिस का जाल, ऐसे हुआ खुलासा
मुटुर मुसहर के अचानक गायब होने और कत्ल की शिकायत 10 अगस्त को मोहम्मदगंज थाने में दर्ज कराई गई थी। मामला दर्ज होते ही पलामू एसपी के निर्देश पर हुसैनाबाद एसडीपीओ दिव्यांश शुक्ल के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई। इस टीम ने झारखंड से लेकर बिहार के औरंगाबाद और रोहतास जिलों तक ताबड़तोड़ छापेमारी की। पुलिस ने पहले ही मामले में शामिल चार आरोपियों—दिनेश मुसहर, विकास मुसहर, गोविंद मुसहर और प्रभु मुसहर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इन्हीं की निशानदेही पर पुलिस सोन नदी किनारे पहुंची और नर-कंकाल बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए सासाराम भेजा।
पुराने हत्याकांड के नामजद आरोपी भी चढ़े पुलिस के हत्थे
बदले के इस खूनी खेल का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने 2025 के नंदन मुसहर हत्याकांड में नामजद दो आरोपियों संतोष मुसहर और धर्मेंद्र मुसहर को भी धर दबोचा और मंगलवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। एसडीपीओ दिव्यांश शुक्ल ने प्रेस वार्ता कर बताया कि इस दोहरे मामले को सुलझाने में मोहम्मदगंज थाना प्रभारी नारायण सोरेन, अनुसंधानकर्ता मनोज मुंडा, देवरी ओपी प्रभारी राजू गुप्ता और लठेया पिकेट प्रभारी मुकेश कुमार सिंह की टीम ने अहम भूमिका निभाई है।

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