एक बच्ची को बचाने उतरीं दो बहनें, तीनों की डूबने से मौत,रक्षाबंधन पर मातम!
भागलपुर के पीरपैंती में रक्षाबंधन के दिन गंगा स्नान के दौरान तीन बच्चियों की डूबने से मौत हो गई। एक बच्ची को बचाने के प्रयास में दो अन्य बच्चियां भी गहरे पानी में चली गईं। तीन घंटे की तलाश के बाद शव बरामद किए गए।


भागलपुर: रक्षाबंधन के दिन भागलपुर के पीरपैंती से एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को गम में डुबो दिया। सिरमतपुर गोपालीचक पंचायत के ओली टोला के समीप गंगा में स्नान करने गई तीन बच्चियों की डूबने से मौत हो गई। हादसे की खबर फैलते ही गांव में चीख-पुकार मच गई और रक्षाबंधन की खुशियां मातम में बदल गईं।
एक बच्ची गहरे पानी में गई, बचाने के प्रयास में दो और डूबीं
मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को कुछ बच्चे गंगा स्नान करने गए थे। उनके साथ तीन बच्चियां भी थीं। इसी दौरान एक बच्ची गहरे पानी में चली गई और डूबने लगी। बताया जा रहा है कि उसे बचाने के प्रयास में अन्य दो बच्चियां भी गहरे पानी में चली गईं। देखते ही देखते तीनों पानी में लापता हो गईं। मौके पर मौजूद बच्चों ने शोर मचाकर आसपास के लोगों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद ग्रामीणों ने तत्काल बच्चियों की तलाश शुरू कर दी।
तीन घंटे की मशक्कत के बाद मिले शव
ग्रामीणों ने करीब तीन घंटे तक कड़ी मशक्कत कर गहरे पानी में बच्चियों की तलाश की। काफी प्रयास के बाद तीनों के शव पानी से बाहर निकाले गए। घटना की सूचना मिलते ही पीरपैंती थाना पुलिस मौके पर पहुंची। वहीं एसडीआरएफ की टीम ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर तलाशी अभियान में सहयोग किया।
मृतकों की पहचान करिश्मा कुमारी (18) और चंदा कुमारी (16) के रूप में हुई है। दोनों ओली टोला, पीरपैंती की रहने वाली और मुन्ना पासवान एवं रानी देवी की पुत्रियां बताई गई हैं। तीसरी मृतका की पहचान अभिलाषा कुमारी (12) के रूप में हुई है, जो कुसरपुर, नाथनगर की रहने वाली थी।
रक्षाबंधन की खुशियां मातम में बदलीं
रक्षाबंधन जैसे पावन पर्व पर हुए इस हादसे से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। जिन घरों में त्योहार की तैयारियां चल रही थीं, वहां अब मातम पसरा है। स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि उत्तम यादव ने घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त की और मृत बच्चियों के परिजनों के प्रति शोक जताया। यह हादसा एक बार फिर गंगा जैसी गहरी नदियों में स्नान के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत की ओर इशारा करता है।
(भागलपुर से अतिश दीपंकर की रिपोर्ट)

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