रक्षाबंधन पर बदला जमुई का नजारा! पूर्व नक्सल प्रभावित गांवों की महिलाओं ने DM-SP को डर नहीं, भरोसा से बांधी राखी
जमुई के पूर्व अति-नक्सल प्रभावित गुरमाहा, चोरमारा और मुसहरीटांड की महिलाओं ने रक्षाबंधन पर जिला पदाधिकारी और पुलिस अधीक्षक समेत अधिकारियों को राखी बांधी। महिलाओं ने कहा कि अब गांवों में डर नहीं, प्रशासन पर भरोसा है।


जमुई: कभी नक्सली गतिविधियों के साए में रहने वाले जमुई के सुदूरवर्ती इलाकों में अब बदलाव की तस्वीर दिखाई दे रही है। रक्षाबंधन के मौके पर गुरमाहा, चोरमारा और मुसहरीटांड जैसे पूर्व अति-नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से मुख्यधारा में लौटे परिवारों की महिलाएं जिला मुख्यालय पहुंचीं और जिला पदाधिकारी, पुलिस अधीक्षक समेत वरिष्ठ अधिकारियों की कलाई पर रक्षा-सूत्र बांधकर विश्वास और आत्मीयता का संदेश दिया। यह मुलाकात किसी औपचारिक कार्यक्रम से कम और प्रशासन तथा ग्रामीणों के बीच बढ़ते भरोसे की भावुक तस्वीर ज्यादा नजर आई।
कभी पुलिस को देखकर छिपते थे ग्रामीण
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि परिवार के सदस्यों के नक्सली गतिविधियों से बाहर निकलकर मुख्यधारा में लौटने के बाद उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया है। महिलाओं ने कहा कि एक समय ऐसा था जब गांव में पुलिस को देखकर लोग डरकर छिप जाते थे। आज वही ग्रामीण जिला प्रशासन के कार्यक्रमों में खुलकर शामिल हो रहे हैं और अधिकारियों के साथ पर्व-त्योहार मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह परिवार में भाई अपनी बहनों और परिजनों की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाता है, उसी तरह जिला प्रशासन और पुलिस उनके दुर्गम क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास सुनिश्चित करने का काम कर रहे हैं।
महिलाओं ने बताया कि अब उनके गांवों में बच्चे नियमित रूप से स्कूल जा रहे हैं। आशा कार्यकर्ताओं का चयन हुआ है और एंबुलेंस तथा चिकित्सकों की सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं। इसके अलावा घर-घर राशन वितरण और नल से शुद्ध पेयजल की सुविधा भी संचालित होने की बात महिलाओं ने कही। ग्रामीणों के मुताबिक, इन सुविधाओं ने उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है।
DM ने कहा- यह हमारे लिए भावुक क्षण
जिला पदाधिकारी ने महिलाओं के इस आत्मीय कदम पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि पूर्व अति-नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की महिलाओं का खुद समाहरणालय पहुंचकर प्रशासन पर विश्वास जताना बेहद भावुक क्षण है। उन्होंने कहा कि प्रशासन और जनता के बीच बना यह भावनात्मक जुड़ाव आगे भी मजबूत किया जाएगा। सुदूरवर्ती क्षेत्रों में जिन मूलभूत नागरिक सुविधाओं की कमी है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों के लोगों के साथ लगातार सीधा संवाद स्थापित किया जा रहा है और विकास योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
रक्षाबंधन पर सामने आई बदलाव की तस्वीर
गुरमाहा, चोरमारा और मुसहरीटांड की महिलाओं का बिना किसी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के जिला मुख्यालय पहुंचकर अधिकारियों को राखी बांधना प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच बदलते रिश्ते का संकेत माना जा रहा है।
वर्षों तक नक्सलवाद के प्रभाव से विकास की मुख्यधारा से दूर रहे इन इलाकों में भय की जगह भरोसा और दूरी की जगह संवाद का माहौल बनना इस रक्षाबंधन की सबसे खास तस्वीर रही।
(जमुई से विक्रम कुमार विक्रांत की रिपोर्ट)

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