रोली-चंदन से सजी थाली, कलाई पर सजा प्यार का धागा; रक्षाबंधन पर भाई-बहन के अटूट रिश्ते में रंगा रोहतास
रक्षाबंधन पर रोहतास में भाई-बहन के प्रेम की खूबसूरत तस्वीरें देखने को मिलीं। बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर लंबी उम्र की कामना की, वहीं भाइयों ने रक्षा और हर सुख-दुख में साथ निभाने का वादा किया।


रोहतास: रक्षाबंधन के पावन पर्व पर रोहतास जिले में सुबह से ही उत्साह और उल्लास का माहौल है। डेहरी समेत जिले के अलग-अलग इलाकों में घरों से लेकर बाजारों तक भाई-बहन के प्रेम की खूबसूरत तस्वीरें देखने को मिल रही हैं। हाथों में रंग-बिरंगी राखियां और पूजा की थाली लिए बहनें भाइयों के घर पहुंच रही हैं।
राखी की थाली में रोली, चंदन, अक्षत, मिठाई और रंग-बिरंगी राखियां सजी हैं। बहनें भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य की कामना कर रही हैं। वहीं भाई भी बहनों की रक्षा और जीवन के हर सुख-दुख में साथ खड़े रहने का वचन दे रहे हैं।
आरती, तिलक और मिठाई के साथ पूरी हुई राखी की रस्म
राखी बांधने के बाद बहनें भाइयों की आरती उतारती हैं, माथे पर तिलक लगाती हैं और मिठाई खिलाती हैं। इसके बाद भाई अपनी बहनों को नेग और उपहार देकर इस खास दिन की खुशियों को और बढ़ा रहे हैं।
कई परिवारों में दूर रहने वाले भाई-बहन भी इस पर्व पर एक-दूसरे से मिलने पहुंचे हैं। इससे घरों में उत्सव का माहौल बना हुआ है।
क्यों मनाया जाता है रक्षाबंधन?
रक्षाबंधन सिर्फ भाई-बहन के रिश्ते का त्योहार नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपरा से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। इसके पीछे कई पौराणिक कथाएं प्रचलित हैं। महाभारत की कथा के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण की उंगली में चोट लगने पर द्रौपदी ने अपनी साड़ी का एक हिस्सा फाड़कर उनकी उंगली पर बांधा था। इसके बाद श्रीकृष्ण ने द्रौपदी की रक्षा का वचन दिया। एक अन्य प्रचलित कथा में माता लक्ष्मी द्वारा राजा बलि को रक्षा सूत्र बांधने का उल्लेख मिलता है। इन कथाओं ने रक्षाबंधन को प्रेम, विश्वास और रक्षा के संकल्प से जोड़ दिया है।
राखी के धागे में छिपा है रिश्ते का भरोसा
समय के साथ रक्षाबंधन मनाने के तरीके भले बदल रहे हों, लेकिन इस पर्व की भावना आज भी वही है। राखी का छोटा-सा धागा भाई-बहन के बीच स्नेह, विश्वास और जीवनभर एक-दूसरे का साथ निभाने का प्रतीक बना हुआ है। रोहतास में भी रक्षाबंधन पर यही संदेश दिखाई दे रहा है- राखी सिर्फ कलाई पर नहीं बंधती, यह दिलों को जोड़ने वाला रिश्ता है।
(रोहतास से विकास चंदन की रिपोर्ट)

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