Jharkhand Assembly Budget Session 2026: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र का आज, गुरुवार (26 फरवरी 2026) को सातवां दिन है सदन में आज वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट और अनुदान मांगों पर सामान्य वाद-विवाद होगा. इसके बाद सरकार अपना जवाब देगी. बता दें, सत्र के दौरान राज्य की प्राथमिकताओं पर विस्तृत चर्चा होगी, जिसमें रोजगार, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे अहम मुद्दों पर खास फोकस रहेगा. सत्ता पक्ष बजट को विकासोन्मुख बताते हुए सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को सदन के सामने रखेगा. जबकि विपक्ष बजट प्रावधानों, खर्च और नीतियों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है. ऐसे में आज सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी और जोरदार बहस के आसार हैं.
'बजट तो बना दिया गया है, लेकिन...'
इस बीच विधानसभा परिसर में मीडिया से बात करते हुए डुमरी विधायक जयराम महतो ने कहा कि हम आपस में लड़ते रहते हैं, लेकिन आपसी मतभेदों में उलझने से बेहतर है कि मिलकर मुद्दों के लिए लड़ाई लड़ी जाए. उन्होंने कहा कि बजट तो बना दिया गया है, लेकिन आवंटित राशि का सही तरीके से खर्च नहीं हो पा रहा है और सरकार में बजट राशि खर्च करने की इच्छा शक्ति की कमी है.
धार्मिक मुद्दों को राजनीतिक रूप दे रहे BJP के लोग- राजेश कच्छप
वहीं, कांग्रेस विधायक राजेश कच्छप ने बीजेपी पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि बीजेपी के लोग धार्मिक मुद्दों को राजनीतिक रूप दे रहे हैं और बे-वजह बयान बाजी कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी पढ़े-लिखे नेता हैं और किसी भी मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार रहते हैं. उन्होंने केंद्र सरकार की विदेश नीति और कृषि नीति पर भी सवाल उठाए. साथ ही एचईसी मामले को लेकर कहा कि जमीन देने वाले लोगों को ही हटाने की कोशिश हो रही है और सरकारी अधिकारी संवेदनहीन हो गए हैं.
सरकारी अफसरों की चमड़ी हो गई है मोटी- राजेश कच्छप
राजेश कच्छप ने कहा कि आजादी के बाद 1960 से लेकर 1960 के बीच में जमीन अधिग्रहण हुआ. रैयतों ने अपना जमीन दिया. और जब वे विस्थापित हुए तो उन्हें बसाने के लिए कहीं-कहीं बैठाया गया. जहां रैयत का बकाया पैसा भी दिया गया लेकिन दु्र्भाग्य है कि आज जहां सरकार ने उन्हें बैठाया है उसी जमीनों को अब दलालों द्वारा रजिस्ट्री कराया जा रहा है. सरकार के पदाधिकारी उनपर डंडा बरसा रहे और उन्हें हड़काने का काम कर रहे हैं. हालांकि सरकार की ऐसी कोई मंशा नहीं है लेकिन सरकार के कुछ पदाधिकारी ऐसे मनोवृति के हैं जिनकी चमड़ी मोटी है. हमारी सरकार से मांग है कि उनके जमीनों का जल्द से जल्द मोटेशन हो. और एचईसी, जो खाली प्लॉट पड़े हैं उसमें उन रैयतों को चिह्नित करके उन्हें कम से कम 500 एकड़ जमीन देने का काम किया जाए. इसपर मंत्री ने जांच के आदेश भी दे दिए हैं. इसके लिए हम 3 महीने का इंतजार करेंगे.
राज्य में ऊपर से नीचे तक अव्यवस्था की स्थिति- CP सिंह
रांची से बीजेपी विधायक सीपी सिंह ने सत्ता पक्ष का पलटवार करते हुए कहा कि राहुल गांधी देशद्रोही, राष्ट्रद्रोही व्यक्ति है. नकली गांधी है. सत्तापक्ष मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है. उन्होंने राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार और प्रशासनिक शिथिलता का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि राज्य में ऊपर से नीचे तक अव्यवस्था की स्थिति है और सरकार जवाब देने से बच रही है.
सरकार हर विभाग को लेकर गंभीर है- विधायक उमाकांत रजक
वहीं, कांग्रेस विधायक के बयान पर चंदनकियारी से विधायक उमाकांत रजक ने कहा कि राज्य सरकार हर विभाग को लेकर गंभीर है और कृषि विभाग सहित अन्य मुद्दों पर सदन में जवाब दिया जाएगा. विधायक राजेश कच्छप के बयानों पर उन्होंने कहा कि अधिकारी सरकारी कामों में लगे है और कार्य कर रहे हैं.
'एयर एंबुलेंस हादसे में मृतक के परिजनों को 50-50 लाख मुआवजा दें सरकार'
इधर, बरकट्ठा विधायक अमित महतो ने निकाय चुनाव को लेकर सरकार की तैयारी पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले में विफल साबित हो रही है. वहीं, चतरा में चार्टर एयर एंबुलेंस हादसे पर उन्होंने मृतकों के परिजनों को 50-50 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग की.
बीजेपी के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं- मंत्री हाफिजुल अंसारी
वहीं मंत्री हाफिजुल अंसारी ने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हो रहे हैं और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में पार्टी मजबूत हो रही है. उन्होंने कहा कि बीजेपी के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है, इसलिए वह लोगों को भटकाने वाली राजनीति कर रही है.
रिपोर्ट- यशवंत कुमार








