"इस बार गोली चूकेगी नहीं", ईरान की ट्रंप को डायरेक्ट वार्निंग.. आगे क्या होने के हैं आसार?
ईरान द्वारा ट्रंप को सीधे धमकियां देना उनका खुद ही नुकसान करा सकता है. इजरायल इस बात का फायदा उठाता हुआ नजर आ रहा है. इनके कई पत्रकार अपने सोशल मीडिया हैंडल से इस बात का प्रचार प्रमुखता से कर रहे हैं कि ईरान ने ट्रंप को धमकी दी है और पूरे देश में इसे लेकर चर्चाएं आम हो चुकी हैं.

WORLD UPDATE: ईरान में लगातार हो रहे प्रदर्शनों में हजारों लोग मारे गए हैं. कई न्यूज एजेंसियां दावा कर रही हैं कि 12 हजार से अधिक लोगों की इसमें मौत हो गई है. हालांकि इसकी पुष्टि अभी नहीं हो सकी है. लेकिन इस दौरान ट्रंप और ईरान के बीच एक अलग से जुबानी जंग भी लगातार जारी है. ट्रंप ने ईरान की सरकार को धंमकी दी थी कि प्रदर्शन को रोकने के लिए देशभक्त ईरानियों की जान ली जाती है तो ईरान को अमेरिकी हमले के लिए भी तैयार रहना होगा.
ईरान की हड्डियां कपाने वाली धमकी
ईरान में लगातार न्यूज आर्टिकल्स लिखे जा रहे हैं, जिसमें ट्रंप से जुड़ी एक घटना का जिक्र किया जा रहा है. दरअसल बीते वर्ष अमेरिका में चुनाव प्रचार के दौरान ट्रंप पर शूटर्स द्वारा हमला किया गया था. जिसमें कुछ इंच से ट्रंप को गोली छूते हुए पार हो गई थी. इस घटना का जिक्र करते हुए कई वीडियो भी चलाए जा रहे हैं, प्रदर्शनों के दौरान भी कहा जा रहा है कि अगर ईरान पर किसी प्रकार का हमला किया जाता है अमेरिका द्वारा, तो इसके जवाब में ईरान चुप नहीं बैठेगा और 'इस बार गोली चूकेगी नहीं'.
किसका पलड़ा है भारी?
ईरान द्वारा ट्रंप को सीधे धमकियां देना उनका खुद ही नुकसान करा सकता है. इजरायल इस बात का फायदा उठाता हुआ नजर आ रहा है. इनके कई पत्रकार अपने सोशल मीडिया हैंडल से इस बात का प्रचार प्रमुखता से रहे हैं कि ईरान ने ट्रंप को धमकी दी है और पूरे देश में इसे लेकर चर्चाएं आम हो चुकी हैं. ऐसे में यदि ट्रंप पर हमला हो जाता है, भले वह ईरान द्वारा न भी किया गया हो, तो अमेरिका के गुस्से को झेलने के लिए ईरान को तैयार रहना होगा. ट्रंप को कुछ भी होने पर सीधा आरोप जाएगा ईरान पर.
तख्तापलट की कोशिश नाकाम?
यूएस को उम्मीद दिख रही थी कि पूरे देश में चल रहे प्रदर्शनों का परिणाम यह निकलकर आएगा कि ईरान की सरकार का क्रैकडाउन कर दिया जाएगा. लेकिन अपनी सारी सैन्य शक्तियां लगाकर ईरान की सरकार द्वारा प्रदर्शन को बुरी तरह कुचल दिया गया है, हजारों लोग अब तक मारे जा चुके हैं. वहीं ईरान में तख्तापलट जैसी स्थिति अब तक दिखाई नहीं दे रही है. इसके बावजूद यूएस का आत्मविश्वास सातवें आसमान में है, जिसका कारण है हाल ही में उनकी वेनेजुएला में हुई जीत.
बुधवार को अमेरिका ने कतर के अल उदैद एयर बेस से कुछ लोगों को बाहर निकाला, और सऊदी अरब और कुवैत में अमेरिकी मिशन के स्टाफ को सावधान रहने की चेतावनी दी गई, क्योंकि ईरान द्वारा प्रदर्शनकारियों पर की गई कार्रवाई को लेकर अमेरिका के हमले का डर बढ़ रहा था.
लेकिन गुरुवार तक, कतर के बेस पर सुरक्षा चेतावनी का लेवल फिर से कम कर दिया गया, स्थिति की जानकारी रखने वाले तीन सूत्रों ने रॉयटर्स को बताया. सूत्रों में से एक ने बताया कि अल उदैद से हटाए गए अमेरिकी विमान धीरे-धीरे बेस पर लौट रहे हैं.
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