Bihar (East Champaran): मोतिहारी के मुफस्सिल थाना क्षेत्र में हुए 20 लाख रुपये से अधिक की भीषण चोरी कांड ने थाना क्षेत्र के कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. घटना के 10 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं. न चोरों की गिरफ्तारी, न माल की बरामदगी- सिर्फ आश्वासन और जांच की बात.
रुपडीह निवासी स्वर्ण व्यवसायी रत्नेश जायसवाल का परिवार 9 फरवरी को शादी समारोह में शामिल होने घर से बाहर गया था. इसी बीच चोरों ने सुनसान मकान को निशाना बनाया. ताला तोड़कर घर में घुसे बदमाशों ने सीधे मां और पत्नी के कमरे को टारगेट किया. अलमारी तोड़कर करीब 20 लाख रुपये से अधिक के स्वर्ण आभूषण और नगदी समेट ले गए.
चोरी की यह वारदात इस बात की ओर इशारा करती है कि बदमाशों को घर की पूरी जानकारी थी. वारदात को अंजाम देने के तरीके से साफ है कि यह किसी पेशेवर गिरोह का काम हो सकता है.
दुकान से लौटे तो बिखरा मिला घर
आर्य समाज चौक स्थित अपनी दुकान बंद कर जब रत्नेश जायसवाल घर पहुंचे, तो कमरों का टूटा ताला और बिखरी अलमीरा देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई. लाखों के जेवरात और नगदी गायब थे. तुरंत मुफस्सिल थाना पुलिस को सूचना दी गई. पुलिस पहुंची, कार्रवाई हुई, मामला दर्ज हुआ लेकिन आगे कुछ नहीं.
10 दिन बाद भी सन्नाटा!
घटना के 10 दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस अब तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है. न कोई गिरफ्तारी, न कोई बड़ा खुलासा. इससे स्थानीय व्यवसायियों में गहरा आक्रोश है. सवाल उठ रहा है कि आखिर सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, संदिग्धों से पूछताछ जैसी तकनीकी जांच कितनी प्रभावी रही?
एसपी से सीधी गुहार
पीड़ित व्यवसायी ने जिले के पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात से हस्तक्षेप की मांग की है. उन्होंने अपील की है कि जल्द से जल्द चोरों को गिरफ्तार कर चोरी गए सामान की बरामदगी सुनिश्चित की जाए. उनका कहना है कि यदि इस तरह की घटनाओं का शीघ्र खुलासा नहीं हुआ, तो अपराधियों के हौसले और बुलंद होंगे.
फिलहाल 20 लाख की यह चोरी मुफस्सिल थाना क्षेत्र के सुरक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा सवाल बनकर खड़ी है और जवाब का इंतजार पूरे मोतिहारी को है.








