25 साल से पदस्थ शिक्षक को नहीं मालूम "प्रसाधन" का अर्थ, कह दिया- "आप ही बता दो.."
मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूल शिक्षक से हिन्दी शब्द "प्रसाधन" का अर्थ पूछा गया, जो वह नहीं बता पाए. ताज्जुब की बात है कि वे 25 साल से बच्चों को पढ़ा रहे हैं.

Dindori, MP : मध्यप्रदेश के डिंडौरी में 25 साल से पेशेवर सरकारी शिक्षक की भूमिका निभा रहे लखन लाल यादव की जिले में चर्चा हो रही है. चर्चा किसी उपलब्धि प्राप्त करने को लेकर नहीं, बल्कि ज्ञान की कमी को लेकर की जा रही है. उनसे हिन्दी के एक शब्द का अर्थ पूछा जाता है जो वह बता नहीं पाते और सीधा ये भी नहीं कहते कि उन्हें नहीं पता. पूछने वाले से ही कहते हैं- "आप ही बता दो".

सरकारी स्कूलों में बेहतर शिक्षा और मूलभूत सुविधाओं के दावे करती है, लेकिन डिंडौरी जिले के शासकीय प्राथमिक शाला खाल्ले दर्री की तस्वीर इन दावों पर सवाल खड़े करती है. भवन डिस्मेंटल होने के बाद स्कूल का संचालन ई-पंचायत भवन में किया जा रहा है, जहां करीब 30 बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं. स्कूल में वर्ष 2001 से पदस्थ प्राथमिक शिक्षक लखन लाल यादव से जब बच्चों के लिए प्रसाधन (शौचालय) की व्यवस्था के बारे में पूछा गया, तो वे "प्रसाधन" शब्द का अर्थ ही नहीं बता सके और इसका मतलब "सहयोग" बताया.
करीब 25 वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षक का यह जवाब चर्चा का विषय बन गया है. अब सवाल यह है कि जब शिक्षक को सामान्य शब्द का अर्थ तक स्पष्ट नहीं है, तो बच्चों को किस स्तर की शिक्षा मिल रही होगी. साथ ही, स्कूल का अपना भवन न होना भी शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है. अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है.
(डिंडौरी से कमला कांत पांडेय की रिपोर्ट)
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