हंसी-खुशी लंच कर रहा था छात्र, पेटीज खाते ही मच गई चीख-पुकार!, स्कूल की लापरवाही से 12वीं के छात्र की मौत
जयपुर के झोटवाड़ा स्थित स्कूल में पेटीज खाने के बाद 17 वर्षीय छात्र प्रिंस सोनी की मौत हो गई। परिजनों ने स्कूल पर लापरवाही का आरोप लगाया, पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू की।

Student Death : जयपुर के झोटवाड़ा स्थित महाराणा प्रताप स्कूल से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां 12वीं क्लास के एक छात्र की पेटीज खाने के बाद अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। घटना का एक बेहद खौफनाक CCTV फुटेज भी सामने आया है, जिसमें छात्र गले में पेटीज फंसने के बाद दौड़कर पानी पीने जाता है और महज 20 सेकेंड के भीतर निढाल होकर जमीन पर गिर पड़ता है। स्कूल स्टाफ उसे उठाकर ऑफिस ले गया, लेकिन समय पर Hospital न पहुंचाए जाने के कारण उसकी जान चली गई।
हंसते-खेलते दोस्त के गले में अटका पेटीज, महज 20 सेकेंड में टूटी सांसें
DCP वेस्ट प्रशांत किरण ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि झोटवाड़ा के बृजमण्डल कॉलोनी का रहने वाला 17 वर्षीय प्रिंस सोनी महाराणा प्रताप स्कूल में 12वीं का छात्र था। बुधवार दोपहर लंच टाइम के दौरान क्लास रूम में वह अपने दोस्तों के साथ हंसी-खुशी खाना खा रहा था। इसी दौरान पेटीज का टुकड़ा उसके गले में अटक गया। सांस फूलने पर प्रिंस दौड़कर पानी पीने बाहर गया। CCTV फुटेज में वह दो बार गर्दन नीचे झुकाते हुए पानी पीता दिख रहा है, लेकिन क्लास रूम में लौटते ही एक टीचर के पास बेसुध होकर गिर गया।
स्कूल प्रशासन पर लापरवाही का गंभीर आरोप, FIR दर्ज
टीचर्स आनन-फानन में प्रिंस को उठाकर स्कूल ऑफिस ले गए, जहां उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने शुक्रवार सुबह स्कूल के बाहर जमकर हंगामा और प्रदर्शन किया। परिजनों का सीधा आरोप है कि अगर स्कूल प्रशासन प्रिंस को ऑफिस में लेटाने के बजाय तुरंत Hospital ले जाता या प्राथमिक इलाज देता, तो उसकी जान बचाई जा सकती थी। पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर स्कूल के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम करवाया गया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो पाएगी।
मेरा बच्चा हाथों से मार दिया, ताला लगा दो इस स्कूल पर: बिलखती मां का दर्द
प्रिंस की मां निर्मला सोनी का रो-रोकर बुरा हाल है। रोते हुए उन्होंने कहा कि स्कूल प्रशासन की घोर लापरवाही ने उनके बेटे की जान ले ली। उन्होंने कहा कि स्कूल में नौकर से लेकर हेड तक करीब 15 लोग मौजूद थे और बाहर गाड़ियां भी खड़ी थीं, लेकिन किसी ने उनके बच्चे को अस्पताल ले जाने की हिम्मत नहीं दिखाई। मां ने गुहार लगाते हुए कहा कि यह स्कूल सिर्फ कहने को शिक्षा देता है, इन्हें खुद कोई समझ नहीं है। उन्होंने अन्य अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों का एडमिशन इस स्कूल से कटवा लें और इस पर हमेशा के लिए ताला लगवा दें।
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