शहीद वीर सपूतों का पार्थिव शरीर लाया गया रांची, लोगों की नम आंखें कर रही श्रद्धासुमन अर्पित
बीते दिनों जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में हुए दर्दनाक सड़क हादसे में देश के अलग-अलग हिस्सों के दस वीर जवानों की शहादत हो गई थी. जिसमें झारखंड के अजय लकड़ा और पुरुलिया के प्रद्युम्न भी शहीद हो गए थे, जिनका पार्थिव शरीर शनिवार को वायुमार्ग से रांची लाया गया.

Jharkhand (Ranchi): जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में हुए दर्दनाक सड़क हादसे में शहीद हुए झारखंड के दो वीर जवानों तिरिल के स्व. अजय लकड़ा एवं पुरुलिया के स्व. प्रद्युम्न लोहार के पार्थिव शरीर के आगमन पर वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने उन्हें बिरसा मुंडा हवाई अड्डा, रांची में अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि दी.
इस अवसर पर वित्त मंत्री ने शहीदों को नमन करते हुए कहा कि देश की रक्षा में दिया गया उनका सर्वोच्च बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता. राज्य सरकार शहीद परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है. उन्होंने शहीद परिवारों को हर संभव मदद करने का विश्वास जताया और संवेदनाएं व्यक्त की.
शहीद अजय लकड़ा- अकेली मां ने किया था पालन-पोषण
जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में गुरुवार को आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान जवान अजय लकड़ा की मौत हो गई. अजय लकड़ा धुर्वा स्थित लाबेद गांव के रहने वाले थे. बताया जा रहा है कि वह खाई में गिरने से शहीद हुए. उनके परिवार के लिए यह दुख एक पहाड़ से कम नहीं है.
अजय लकड़ा के पिता स्वर्गीय लोहरा उरांव की कई वर्ष पहले मौत हो गई थी. उस समय अजय बहुत छोटे थे. पिता की मृत्यु के बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी उनकी मां पोकलो देवी ने उठाई. उन्होंने अपने बच्चों का पालन-पोषण अत्यंत कठिन परिस्थितियों में किया.
अजय लकड़ा का एक छोटा भाई अरूण लकड़ा है और उनके चार बहनें हैं. मां ने बच्चों को हड़िया बेचकर और मजदूरी कराकर पढ़ाया और पालन-पोषण किया. अजय लकड़ा का बचपन से ही सेना में जाने का सपना था. उन्होंने हमेशा शारीरिक रूप से खुद को तैयार रखा और दौड़ने जैसी मेहनत वाली गतिविधियों में भाग लिया. इसी जुनून के चलते अजय सात साल पहले सेना में भर्ती हुए. उनका भाई भी सीआइएसएफ में तैनात है और उनकी सबसे छोटी बहन अंजू लकड़ा झारखंड पुलिस में पदस्थापित हैं. अजय की तीन बहनों की शादी हो चुकी है. बेटे की मौत की सूचना सेना द्वारा अजय की मां को ही दी गई, जिसके बाद परिवार सहित पूरे गांव को मातम की छांव ने अपने आगोश में ले रखा है.
शहीद प्रद्युम्न लोहार
जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में 22-23 जनवरी 2026 की दरमियानी रात सेना का वाहन दुर्घटनाग्रस्त होने से रांची, झारखंड के वीर सपूत प्रद्युम्न लोहार शहीद हो गए. बिहार रेजिमेंट के सिपाही प्रद्युम्न, जो पुरुलिया-रांची क्षेत्र के रहने वाले थे, कर्तव्य निभाते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले 10 जांबाज जवानों में शामिल थे. यह घटना राष्ट्र के लिए उनका समर्पण दर्शाता है.

जम्मू कश्मीर में खाई में गिरी थी गाड़ी
बता दें कि 22 जनवरी को जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में सेना का एक वाहन अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गया था. इस हादसे में कुल 10 जवान शहीद हो गए थे, जबकि 11 जवान गंभीर रूप से घायल हुए थे. सभी जवान ऑपरेशनल ड्यूटी पर तैनाती के लिए जा रहे थे.
शहीद जवानों में रांची के तिरिल निवासी अजय लकड़ा और पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले के झालदा थाना क्षेत्र अंतर्गत पुंडा गांव निवासी 24 वर्षीय प्रद्युम्न लोहारा शामिल हैं. खराब मौसम के कारण विमान के विलंब से उड़ान भरने के चलते पार्थिव शरीर देर रात रांची पहुंचे. प्रशासन के अनुसार, शनिवार सुबह शहीद जवान प्रद्युम्न लोहारा के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव झालदा, पुरुलिया ले जाया जाएगा. जबकि अजय लकड़ा का अंतिम संस्कार रांची में पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया जाएगा.
शहीदों के सम्मान में रांची एयरपोर्ट पर कुछ देर के लिए पूरा परिसर भारत माता की जय और शहीद अमर रहें के नारों से गूंज उठा. पूरा राज्य अपने वीर सपूतों के बलिदान पर गर्व और शोक के भाव में एकजुट नजर आया.
रिपोर्ट: तनय खंडेलवाल
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