धनबाद में दिनदहाड़े फटा सड़क का सीना, करोड़ों की 8 लेन सड़क या भ्रष्टाचार का गोफ?, अब...
धनबाद की आठ लेन सड़क पर कमल कटेसरिया स्कूल के पास दिनदहाड़े बड़ा गोफ बन गया। लगातार भू-धंसान से सड़क की गुणवत्ता और निर्माण तकनीक पर सवाल उठ रहे हैं।

Dhanbad: देश की कोयला राजधानी धनबाद में राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत बनाई गई आठ लेन (8-Lane) सड़क पर लगातार हो रहे भू-धंसान ने सड़क की गुणवत्ता और निर्माण तकनीक पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोमवार को कमल कटेसरिया स्कूल के समीप सर्विस लेन में अचानक सड़क धंसने से एक बड़ा और खतरनाक गोफ बन गया। दिनदहाड़े जमीन धंसने की इस घटना से सड़क पर चल रहे राहगीरों और वाहन चालकों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि गनीमत यह रही कि इस दौरान कोई वाहन गोफ की चपेट में नहीं आया और एक बड़ा हादसा होने से टल गया।
सड़क धंसने की 12वीं घटना, उद्घाटन के दूसरे दिन से ही जारी है सिलसिला
स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार, आठ लेन सड़क के अस्तित्व में आने के बाद से सड़क धंसने और गोफ बनने की यह 12वीं घटना है। करीब डेढ़ साल पहले इस आधुनिक सड़क परियोजना का भव्य ऑनलाइन उद्घाटन किया गया था, लेकिन विडंबना यह रही कि उद्घाटन के ठीक दूसरे ही दिन सड़क धंस गई थी। इसके बाद से लगातार अलग-अलग स्थानों पर सड़क का धंसना जारी है, जिससे करोड़ों रुपये की लागत से बनी इस सड़क के तकनीकी डिजाइन और निर्माण सामग्री की गुणवत्ता को लेकर स्थानीय जनता में भारी आक्रोश है।
जमीन के भीतर राइजिंग पाइपलाइन बनी बड़ी तकनीकी वजह
तकनीकी विशेषज्ञों और अभियंताओं के अनुसार, सड़क के नीचे से राइजिंग वाटर पाइपलाइन गुजरी हुई है। पाइपलाइन के कारण जमीन के अंदर पानी के रिसाव और मिट्टी के कटाव से भीतर की स्थिति लगातार अस्थिर हो रही है, जिससे सड़क का ऊपरी हिस्सा धंसकर बड़े गड्ढे का रूप ले लेता है। विशेषज्ञों का मानना है कि निर्माण से पूर्व यदि समुचित भू-गर्भीय व तकनीकी अध्ययन किया गया होता, तो इस तरह की बारंबार होने वाली घटनाओं से बचा जा सकता था।
विभाग ने की बैरिकेडिंग, शिवालय कंस्ट्रक्शन को तत्काल मरम्मत के निर्देश
घटना की जानकारी मिलते ही पथ निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारी हरकत में आए। सुरक्षा के एहतियाती कदम उठाते हुए विभाग ने भू-धंसान वाले स्थल के चारों तरफ मजबूत बैरिकेडिंग कर दी है, ताकि कोई अनहोनी न हो सके। इसके साथ ही सड़क का निर्माण करने वाली एजेंसी शिवालय कंस्ट्रक्शन को तत्काल युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य शुरू करने का कड़ा निर्देश दिया गया है। लगातार सामने आ रही इन खामियों के चलते अब निर्माण एजेंसी की जवाबदेही तय करने और मामले की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच की मांग भी जोर पकड़ने लगी है।
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