36 साल का पावरफुल करियर और अंत में जेल!, खियांग्ते को नहीं मिला VIP ट्रीटमेंट, अब जेल के जनरल वार्ड में कटेगी रात
पूर्व मुख्य सचिव एल. खियांग्ते JPSC-JSSC घोटाले में गिरफ्तारी के बाद बिरसा मुंडा केंद्रीय जेल के जनरल वार्ड में हैं। जांच एजेंसियां उनकी करोड़ों की संपत्तियों की भी जांच कर रही हैं।

JPSC-JSSC Scam: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षाओं और नियुक्तियों में हुई धांधली व गंभीर गड़बड़ियों के आरोपों में घिरे पूर्व मुख्य सचिव एल. खियांग्ते का साम्राज्य पूरी तरह हिल गया है। गिरफ्तारी के बाद अब उन्हें बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार के जनरल वार्ड में रखा गया है। जेल सूत्रों के मुताबिक, जेल मैनुअल के नियमों के तहत कोर्ट की अनुमति के बिना किसी को VIP सुविधा नहीं दी जाती, इसलिए 1988 बैच के इस पूर्व वरिष्ठ IAS अधिकारी को भी आम कैदियों की तरह सामान्य वार्ड में ही अपनी रातें गुजारनी पड़ रही हैं।
सजल चक्रवर्ती के बाद सलाखों के पीछे पहुंचने वाले दूसरे पूर्व CS
झारखंड के प्रशासनिक इतिहास में यह दूसरा मौका है जब कोई पूर्व मुख्य सचिव सलाखों के पीछे पहुंचा है। इससे पहले बहुचर्चित चारा घोटाला मामले में पूर्व मुख्य सचिव सजल चक्रवर्ती को जेल जाना पड़ा था। 1988 बैच के IAS अधिकारी लाल बियाकतुलुआंगा खियांग्ते की गिरफ्तारी ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि सत्ता के उच्च पदों पर बैठकर युवाओं और आम जनता के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों का अंजाम बेहद भयानक होता है।
1988 बैच के IAS से लेकर मुख्य सचिव बनने का सफर
एल. खियांग्ते का प्रशासनिक सफर बेहद प्रभावशाली रहा है। इतिहास विषय से ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने साल 1987 की प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा पास की और 1988 बैच के IAS अधिकारी बने। अपने लगभग 36 वर्षों के लंबे सेवाकाल में उन्होंने राज्य के कई अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रभावशाली पदों की कमान संभाली। वे राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के रूप में कार्य करने के अलावा श्री कृष्ण लोक प्रशासन संस्थान (ATI) के महानिदेशक जैसे प्रतिष्ठित पदों पर भी तैनात रहे।
आइजोल में तीन-तीन आलीशान महल और बेहिसाब संपत्ति
JPSC घोटालों में नाम सामने आने और गिरफ्तारी के बाद अब जांच एजेंसियों की पैनी नजर खियांग्ते की अकूत संपत्ति पर टिक गई है। प्रशासनिक सेवा में रहते हुए बनाए गए उनके रियल एस्टेट निवेश और संपत्तियों ने अधिकारियों को भी हैरान कर दिया है। मिजोरम की राजधानी आइजोल में उनके नाम पर एक-दो नहीं, बल्कि तीन-तीन भव्य और आलीशान महल मौजूद हैं, जिनकी कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है। अब जांच एजेंसियां उनकी इस बेहिसाब संपत्ति के स्रोतों को खंगालने में जुटी हैं।
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