छाता निकाल लीजिए!, झारखंड में झमाझम बारिश का दौर शुरू, 27 अगस्त को रांची में भारी बारिश की चेतावनी
बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव (लो प्रेशर) का असर अब पूरे झारखंड में साफ दिखने लगा है।


Weather Update: बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव (लो प्रेशर) का असर अब पूरे झारखंड में साफ दिखने लगा है। राजधानी रांची सहित प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में घने बादलों का डेरा है और रुक-रुककर रिमझिम फुहारें पड़ रही हैं। मौसम विज्ञान केंद्र ने स्थिति को देखते हुए गुमला, खूंटी, सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए यलो अलर्ट घोषित किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस मौसमी सिस्टम की वजह से 28 अगस्त तक राज्यभर में मध्यम से लेकर भारी बारिश का दौर बना रहेगा, जिससे पूरे हफ्ते अच्छी बारिश की उम्मीद है।
27 अगस्त को रांची में भारी बारिश का अलर्ट, लुढ़का पारा
राजधानी रांची में भी मौसम पूरी तरह मेहरबान है। सोमवार को दोपहर करीब तीन बजे डंगराटोली, लालपुर समेत शहर के कई इलाकों में झमाझम बारिश हुई, जिससे लगभग 14 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इस बारिश के बाद शहर के तापमान में 3.4 डिग्री सेल्सियस की अच्छी-खासी गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है। मौसम विभाग ने रांची के लिए 27 अगस्त को भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। वहीं, 30 अगस्त तक राजधानी के आसमान में बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश होने का पूर्वानुमान है।
सिमडेगा में सबसे ज्यादा बरसे बादल, कई जिलों में अच्छी बारिश
सोमवार को राज्य के विभिन्न जिलों में बादलों ने जमकर पानी बरसाया। इनमें सिमडेगा सबसे आगे रहा, जहां सर्वाधिक 30 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा सरायकेला में 18 मिमी, मेदिनीनगर में 15 मिमी, चाईबासा में 9 मिमी, खूंटी में 8 मिमी, लोहरदगा में 6 मिमी और बोकारो में 3 मिमी वर्षा दर्ज की गई। लगातार हो रही बारिश से लगभग सभी जिलों के पारे में गिरावट आई है और मौसम खुशनुमा बना हुआ है।
अब भी 11% बारिश की कमी, नए सिस्टम से भरपाई की उम्मीद
हालिया फुहारों के बावजूद राज्य में इस सीजन की कुल बारिश अब भी सामान्य से थोड़ी पीछे चल रही है। आंकड़ों के मुताबिक, एक जून से 24 अगस्त तक झारखंड में सामान्य रूप से 744.5 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन अब तक 661.1 मिमी पानी ही बरसा है, यानी कुल 11 प्रतिशत की कमी बनी हुई है। राहत की बात यह है कि पश्चिमी सिंहभूम (46% अधिक), सरायकेला-खरसावां (8% अधिक), सिमडेगा (7% अधिक), खूंटी (5% अधिक) और रांची (4% अधिक) जैसे जिलों में आंकड़ा सामान्य से बेहतर है। मौसम विभाग का मानना है कि खाड़ी में बने नए सिस्टम से होने वाली बारिश इस कमी को काफी हद तक पूरा कर देगी। प्रशासन ने अलर्ट वाले जिलों के निवासियों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की है।

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