स्किल डेवलपमेंट को मिलेगी नई रफ्तार, सरकार बनाएगी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का नेटवर्क
स्थायी स्किल सेंटरों को नए मानकों के तहत मिलेगी मान्यता, युवाओं को रोजगार से जोड़ने पर रहेगा फोकस.

कौशल विकास को मजबूत और रोजगार से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार नया कदम उठाने जा रही है। कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय देशभर के स्थायी स्किल ट्रेनिंग संस्थानों को तय मानकों के आधार पर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) और वोकेशनल ट्रेनिंग सेंटर (VTC) के रूप में मान्यता देगा। इसका मकसद प्रशिक्षण की गुणवत्ता बढ़ाना, सभी केंद्रों में एक जैसी व्यवस्था लागू करना और युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुसार तैयार करना है।
सरकार का मानना है कि पिछले कई वर्षों में अस्थायी प्रशिक्षण केंद्रों, कमजोर इंफ्रास्ट्रक्चर और उद्योगों की मांग के मुताबिक प्रशिक्षण न मिलने जैसी वजहों से अपेक्षित नतीजे नहीं मिले। इसी कमी को दूर करने के लिए नई व्यवस्था तैयार की जा रही है।
नई गाइडलाइन के तहत सरकारी और निजी आईटीआई, पॉलिटेक्निक, कौशल प्रशिक्षण संस्थान और अन्य योग्य संस्थान आवेदन कर सकेंगे। चुने गए केंद्रों को अलग-अलग सेक्टर जैसे मैन्युफैक्चरिंग, कंस्ट्रक्शन, लॉजिस्टिक्स, हेल्थकेयर, एमएसएमई और डिजिटल-ग्रीन क्षेत्रों में विशेषज्ञता के साथ प्रशिक्षण देना होगा। इन केंद्रों पर डिजिटल और ऑफलाइन दोनों तरह की पढ़ाई की व्यवस्था भी होगी।
सिर्फ प्रशिक्षण देना ही नहीं, बल्कि छात्रों की काउंसिलिंग, सही कोर्स चुनने में मदद, नौकरी या स्वरोजगार के लिए मार्गदर्शन और प्लेसमेंट के बाद उनकी प्रगति पर नजर रखना भी इन केंद्रों की जिम्मेदारी होगी। पूरी व्यवस्था की निगरानी के लिए मंत्रालय स्तर पर अलग-अलग समितियां बनाई जाएंगी, जो प्रशिक्षण की गुणवत्ता और केंद्रों के प्रदर्शन का समय-समय पर आकलन करेंगी।
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