सिवान BJP में अंदरूनी सियासत फिर गरमाई! 6 दिन में मांगा जवाब, जानें क्या है मामला
BJP ने सिवान के पूर्व सांसद ओम प्रकाश यादव को कथित तौर पर पार्टी नेताओं के खिलाफ मीडिया में बयानबाजी करने के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी किया है।


सिवान। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सिवान के पूर्व सांसद ओम प्रकाश यादव के कथित बयानों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। पार्टी नेताओं के खिलाफ मीडिया में बयानबाजी के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए प्रदेश भाजपा ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है। 31 अगस्त 2026 को जारी नोटिस में पूर्व सांसद से छह दिनों के भीतर अपना स्पष्टीकरण देने को कहा गया है।
प्रदेश भाजपा मुख्यालय प्रभारी अक्षय कुमार की ओर से जारी नोटिस में आरोप लगाया गया है कि ओम प्रकाश यादव पार्टी नेताओं के विरुद्ध मीडिया में कथित तौर पर अनर्गल बयान दे रहे हैं। पार्टी ने उनके इस कथित आचरण को संगठन के अनुशासन के उल्लंघन और दल विरोधी गतिविधि से जोड़ते हुए जवाब मांगा है।
स्थानीय और प्रदेश नेतृत्व से नाराजगी की चर्चा
ओम प्रकाश यादव को लेकर पिछले कुछ समय से सिवान भाजपा की सियासत में चर्चाएं तेज रही हैं। बताया जा रहा है कि पूर्व सांसद स्थानीय भाजपा नेताओं के साथ-साथ प्रदेश स्तर के कुछ नेताओं से भी नाराज चल रहे हैं। इसी बीच उन्होंने कई मौकों पर पार्टी और उसके नेताओं को लेकर सार्वजनिक रूप से अपनी बात रखी। उनकी कथित बयानबाजी को लेकर संगठन के भीतर भी नाराजगी की स्थिति बनी। अब प्रदेश नेतृत्व की ओर से कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने के बाद मामला संगठनात्मक कार्रवाई के स्तर तक पहुंच गया है।
छह दिनों में देना होगा जवाब
भाजपा के नोटिस में ओम प्रकाश यादव से छह दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। उनसे यह भी स्पष्ट करने को कहा गया है कि उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए। अब पार्टी नेतृत्व की नजर पूर्व सांसद के जवाब पर है। उनके स्पष्टीकरण के बाद भाजपा यह तय करेगी कि मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाए। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि पार्टी उनके जवाब के आधार पर कौन-सा कदम उठाएगी।
नोटिस के बाद सिवान भाजपा में बढ़ी हलचल
कारण बताओ नोटिस सामने आने के बाद सिवान भाजपा की अंदरूनी राजनीति एक बार फिर चर्चा में है। पार्टी के नोटिस की भाषा से साफ है कि प्रदेश नेतृत्व इस मामले को महज व्यक्तिगत असहमति के तौर पर नहीं देख रहा है, बल्कि इसे संगठनात्मक अनुशासन से जोड़कर गंभीरता से लिया गया है।
यदि भाजपा पूर्व सांसद के स्पष्टीकरण से संतुष्ट नहीं होती है, तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की संभावना बन सकती है। ऐसे में आने वाले दिनों में सिवान भाजपा की राजनीति में इस मामले को लेकर और हलचल देखने को मिल सकती है।

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