‘समझौता नहीं किया तो...’ मृतक की भतीजी के दावे से बेढ़ना कांड में बढ़ा सस्पेंस
बाढ़ के बेढ़ना कांड के बाद मृतकों के परिजनों से मिलने कई नेता पहुंचे। अनंत सिंह ने परिवार को आर्थिक मदद दी, जबकि बाढ़ विधायक के पहुंचने पर लोगों ने विरोध जताया।


बाढ़। बेढ़ना गांव में हुई घटना के बाद मृतकों के परिजनों से मिलने के लिए राजनीतिक नेताओं के पहुंचने का सिलसिला जारी है। नेता परिवार से मुलाकात कर उन्हें आर्थिक सहायता और न्याय दिलाने का भरोसा दे रहे हैं। इसी क्रम में मोकामा विधायक अनंत सिंह मंगलवार को बाढ़ थाना क्षेत्र के बेढ़ना गांव पहुंचे और मृतकों के परिजनों से मुलाकात की। विधायक ने परिजनों को 25-25 रुपये की आर्थिक मदद दी और भविष्य में भी हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। घटना के बाद परिवार के लोगों में शोक और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।
बाढ़ विधायक के पहुंचने पर लोगों ने जताई नाराजगी
इससे पहले सोमवार को स्थानीय बाढ़ विधायक डॉ. सियाराम सिंह मृतकों के परिजनों से मिलने उमानाथ सती स्थान पहुंचे थे। वहां मौजूद लोगों ने विधायक के पहुंचने पर नाराजगी जताई और विरोध किया। स्थानीय लोगों का आरोप था कि विधायक घटना के समय बाढ़ में ही मौजूद थे और घटनास्थल से मृतकों के परिजनों का घर करीब तीन किलोमीटर की दूरी पर था। लोगों का कहना था कि इसके बावजूद विधायक तत्काल परिवार से मिलने नहीं पहुंचे। विरोध के दौरान लोगों ने विधायक के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। स्थिति को देखते हुए विधायक वहां से चले गए।
पूर्व विधायक ज्ञानू और बख्तियारपुर विधायक भी पहुंचे
मंगलवार को बाढ़ के पूर्व विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू भी मृतकों के परिजनों से मिलने पहुंचे। इसके बाद बख्तियारपुर के लोजपा विधायक अरुण कुमार शाह ने भी परिवार से मुलाकात की और उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया।मुलाकात के दौरान मृतक पंकज की भतीजी अनु कुमारी भावुक हो गईं और विधायक के सामने अपनी पीड़ा रखी। उन्होंने अपने परिवार से जुड़े पुराने मामले का भी जिक्र किया।
पंकज की भतीजी ने सुनाई परिवार की पीड़ा
अनु कुमारी के मुताबिक, वर्ष 2009 में उनके पिता की हत्या कर दी गई थी। उनका आरोप है कि उस मामले में उनके चाचा पंकज की महत्वपूर्ण गवाही होनी थी और अगली 5 तारीख को उनकी गवाही प्रस्तावित थी। अनु ने दावा किया कि परिवार को लंबे समय से धमकियां मिल रही थीं और पंकज पर केस में समझौता करने का दबाव बनाया जा रहा था। उनके अनुसार, पंकज ने समझौता करने से इनकार कर दिया था।
उन्होंने बताया कि उनकी मां स्कूल में करीब 2 हजार रुपये की तनख्वाह पर बर्तन साफ करने का काम करती हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति भी कमजोर है। अनु ने कहा कि वह खुद एक निजी स्कूल में पढ़ाती हैं और वहां भी उन्हें कथित तौर पर धमकियां मिलती रहती हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच के बाद ही हत्या के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
मामले की जांच में पुलिस ने अब तक कई लोगों को हिरासत में लिया है। जानकारी के अनुसार, पुलिस की गिरफ्त में आए पांचवें युवक की निशानदेही पर एक दवा कारोबारी और एक कथित शराब कारोबारी को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की गई है। पुलिस इन लोगों की भूमिका और घटना से उनके संभावित संबंधों की जांच कर रही है।
शराब की उपलब्धता पर भी उठ रहे सवाल
घटना को लेकर पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठ रहा है कि घटना में शराब कहां से आई और उसे किसने उपलब्ध कराया। हालांकि, इन सवालों और आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि घटना के पीछे वास्तविक वजह क्या थी और इसमें शामिल लोगों की भूमिका क्या रही।
फिलहाल बेढ़ना कांड को लेकर राजनीतिक नेताओं के मृतकों के घर पहुंचने का सिलसिला जारी है। परिजन न्याय और सुरक्षा की मांग कर रहे हैं, जबकि पुलिस की जांच आगे बढ़ रही है। मामले में पुलिस की जांच और आरोपियों से पूछताछ के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

specializes in local and regional stories, bringing simple, factual, and timely updates to readers.
Related Posts

क्या खतरे में है चिराग पासवान की जान? धमकी भरे पत्र में ‘खतरनाक आतंकवादियों’ का जिक्र

विधानसभा को मिला नया ‘सचिव’, जानिए कौन हैं संजय कुमार सिंह और क्या रहा है सफर







