क्या खतरे में है चिराग पासवान की जान? धमकी भरे पत्र में ‘खतरनाक आतंकवादियों’ का जिक्र
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान को जान से मारने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है। उनके अतिरिक्त निजी सचिव ने गृह सचिव को पत्र लिखकर धमकी की जांच और Z श्रेणी की सुरक्षा की समीक्षा की मांग की है।


ई दिल्ली। केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान को जान से मारने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मंत्री के अतिरिक्त निजी सचिव आलोक कुमार सिंह ने केंद्रीय गृह सचिव को पत्र लिखकर तत्काल जांच कराने और मंत्री की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने का अनुरोध किया है।
जानकारी के मुताबिक, 1 सितंबर 2026 को गृह मंत्रालय को भेजे गए पत्र में अतिरिक्त निजी सचिव ने बताया कि मंत्रालय को डाक के माध्यम से एक पत्र प्राप्त हुआ था। इस पत्र में दो मोबाइल नंबर भी दर्ज थे। पत्र खोले जाने पर उसमें केंद्रीय मंत्री को सीधे तौर पर जान से मारने की धमकी दी गई थी।
पत्र में दी गई गंभीर धमकी
बताया गया है कि धमकी भरे पत्र में लिखा था कि चिराग पासवान को जल्द ही खतरनाक आतंकवादियों द्वारा मार दिया जाएगा। पत्र में आतंकवादियों का उल्लेख किए जाने के बाद मंत्री की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई गई है।
मंत्री के कार्यालय ने मामले को अत्यंत संवेदनशील बताते हुए मूल धमकी भरा पत्र भी गृह मंत्रालय को उपलब्ध कराया है, ताकि इसकी जांच की जा सके।
गृह मंत्रालय से तत्काल जांच की मांग
आलोक कुमार सिंह ने गृह सचिव को भेजे पत्र में धमकी के स्रोत और उसकी वास्तविकता की विस्तृत जांच कराने का अनुरोध किया है। इसके अलावा यह पता लगाने की मांग की गई है कि धमकी के पीछे कौन लोग हैं और पत्र भेजने की परिस्थितियां क्या हैं। पत्र में यह भी कहा गया है कि धमकी की प्रकृति को देखते हुए मामले को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाना चाहिए।
पहले से Z श्रेणी की सुरक्षा
चिराग पासवान को वर्तमान में गृह मंत्रालय की ओर से Z श्रेणी की सुरक्षा उपलब्ध कराई गई है। इसके बावजूद धमकी भरा पत्र मिलने के बाद उनकी सुरक्षा व्यवस्था की दोबारा समीक्षा की मांग की गई है।
मंत्री के आगामी सार्वजनिक कार्यक्रमों और संभावित सुरक्षा जोखिमों को ध्यान में रखते हुए आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने का भी अनुरोध किया गया है।
डाक से भेजा गया धमकी भरा पत्र
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार धमकी भरा पत्र डाक के माध्यम से भेजा गया है। पत्र में दो मोबाइल नंबर दर्ज होने की बात सामने आई है, लेकिन अभी तक पत्र भेजने वाले व्यक्ति या किसी संगठन की स्पष्ट पहचान सामने नहीं आई है।अब जांच एजेंसियां पत्र की सामग्री, उसमें दर्ज मोबाइल नंबरों और पत्र भेजे जाने से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर सकती हैं। फिलहाल धमकी की सत्यता और इसके पीछे मौजूद लोगों के बारे में आधिकारिक तौर पर कोई निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
मंत्री के कार्यालय ने गृह मंत्रालय से मामले की तत्काल जांच, धमकी के स्रोत का पता लगाने और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने का आग्रह किया है। इस घटनाक्रम के बाद चिराग पासवान की सुरक्षा को लेकर भी सतर्कता बढ़ाए जाने की संभावना है।

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