Shuvendu Adhikari PA Murder Case: 'CBI न होती तो मेरा एनकाउंटर हो जाता'.. गलत पहचान के कारण जेल गए रील मेकर राज सिंह हुए रिहा
उत्तर प्रदेश के रील मेकर राज सिंह को कोलकाता और अयोध्या पुलिस ने गलत पहचान के चलते गिरफ्तार कर लिया था. सीबीआई द्वारा असली आरोपी राजकुमार सिंह को दबोचे जाने के बाद कल राज सिंह की जेल से रिहाई हुई. रिहाई के बाद राज सिंह ने पुलिस प्रताड़ना और एनकाउंटर के डर का खौफनाक अनुभव साझा किया.

Shuvendu Adhikari PA Murder Case: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की हत्या 6 मई 2026 की रात को हुई थी. जिस मामले में यूपी के राज सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था. गलत पहचान के कारण कानून के शिकंजे में फंसे फेसबुक रील मेकर राज सिंह आखिरकार बेगुनाह साबित होने के बाद कल जेल से रिहा कर दिए गए. कोलकाता पुलिस ने अयोध्या पुलिस के सहयोग से बीते 11 मई को उन्हें उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया था. दरअसल, पुलिस ने इस मामले में पहले बक्सर से दो आरोपियों, विक्की मौर्य और मयंक मिश्रा को पकड़ा था, जिनसे पूछताछ के बाद राज सिंह की यह गलत गिरफ्तारी हुई थी. बाद में जब सीबीआई (CBI) ने मुजफ्फरनगर के छपार टोल से असली आरोपी राजकुमार सिंह को गिरफ्तार किया, तब जाकर राज सिंह की बेगुनाही साबित हुई.
'मुझे गोली मारने की धमकी दी जा रही थी'
जेल से बाहर आने के बाद राज सिंह ने बातचीत के दौरान अपना दर्द और खौफ बयां किया. उन्होंने कहा, "अगर इस मामले में सीबीआई की एंट्री नहीं हुई होती, तो मेरा एनकाउंटर हो जाता." राज सिंह ने आरोप लगाया कि उन पर कबूलनामे के लिए भारी दबाव बनाया जा रहा था और पुलिस वाले उन्हें गोली मार देने की धमकी देकर डरा रहे थे. उन्होंने हाथ जोड़कर केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) का आभार जताया और कहा कि उनके बेहतरीन काम की बदौलत ही आज उनकी जान बच सकी है.
सीसीटीवी फुटेज और कुर्ते की रसीद ने बचाई जान
अपनी बेगुनाही के सबूतों की चर्चा करते हुए राज सिंह ने बताया कि कोलकाता में उन्हें बंगाली भाषा समझ नहीं आ रही थी और वहां उन्हें बेहद जलील नजरों से देखा जा रहा था. उन्होंने कहा कि उनके परिवार ने समझदारी दिखाते हुए घटना के समय का सीसीटीवी फुटेज सीबीआई को सौंपा. इसके अलावा, दिल्ली के 'ड्रेस लैंड' से खरीदे गए एक कुर्ते की रसीद ने भी यह साबित करने में बड़ी भूमिका निभाई कि घटना के वक्त वह वहां मौजूद नहीं थे. इन पुख्ता तकनीकी सबूतों के कारण ही उन्हें न्याय मिल सका.
मीडिया को धन्यवाद, अपनों से नाराजगी
राज सिंह ने इस पूरी लड़ाई में निष्पक्षता से साथ देने के लिए मीडिया का विशेष आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि मीडिया ने उनकी आवाज को हर एंगल से प्रमुखता से उठाया, जिससे उनकी फैमिली सीबीआई तक पहुँच सकी. हालांकि, उन्होंने भारी मन से क्षत्रिय महासभा के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर की. राज सिंह ने कहा कि वह लंबे समय से इस महासभा से जुड़े रहे हैं, लेकिन इस बेहद मुश्किल और संकट के दौर में संगठन का कोई भी व्यक्ति उनके परिवार के साथ आकर खड़ा नहीं हुआ.
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