Uttar Pradesh में बेरोजगारी भत्ता योजना की तैयारी, जल्द लग सकती है मुहर
ग्राम विकास विभाग ने तैयार किया रूपरेखा, 125 दिन रोजगार गारंटी और काम न मिलने पर सहायता देने की व्यवस्था पर विचार; कैबिनेट की मंजूरी के बाद लागू हो सकती है योजना।


लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रही है। ग्राम्य विकास विभाग ने ऐसी व्यवस्था का मसौदा तैयार किया है, जिसके तहत खेती से जुड़े मजदूरों को काम न मिलने की स्थिति में आर्थिक सहायता या बेरोजगारी भत्ता उपलब्ध कराया जा सकेगा। प्रस्ताव को जल्द ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता वाली कैबिनेट के समक्ष मंजूरी के लिए रखा जा सकता है।
सरकार केंद्र की नई ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका संबंधी पहल को राज्य में लागू करने की तैयारी कर रही है। इस व्यवस्था का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों की आय को स्थिर बनाना और कृषि कार्यों के बीच आने वाले खाली समय में मजदूरों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है।
रोजगार गारंटी की अवधि बढ़ाने पर जोर
प्रस्तावित ढांचे के अनुसार ग्रामीण परिवारों को पहले की तुलना में अधिक दिनों तक रोजगार उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है। जानकारी के मुताबिक रोजगार की गारंटी 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन तक किए जाने का प्रावधान शामिल है। इससे ग्रामीण मजदूरों को वर्ष के अधिक हिस्से में काम मिलने की संभावना बढ़ेगी।
खेती के कार्यों में बुवाई और कटाई के बीच कई बार ऐसा समय आता है जब मजदूरों को नियमित काम नहीं मिल पाता। सरकार इसी अवधि के दौरान आर्थिक सहायता देने की व्यवस्था पर विचार कर रही है, ताकि परिवारों की आय प्रभावित न हो।
डिजिटल भुगतान और पारदर्शिता पर फोकस
नई व्यवस्था में मजदूरी और अन्य लाभ सीधे डिजिटल माध्यम से लाभार्थियों के खातों में भेजे जाने की तैयारी है। इसके साथ ही कार्यों की निगरानी, सत्यापन और मजदूरों से फीडबैक लेने की प्रणाली को भी मजबूत किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और अनियमितताओं पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
किन कार्यों को मिलेगी प्राथमिकता
योजना के तहत जल संरक्षण, भूजल स्तर सुधार, कृषि विकास, ग्रामीण बुनियादी ढांचे और संपर्क मार्गों से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दिए जाने की संभावना है। इन परियोजनाओं के माध्यम से रोजगार सृजन के साथ-साथ ग्रामीण विकास को भी गति देने का लक्ष्य रखा गया है।
करोड़ों श्रमिकों को मिल सकता है लाभ
उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में ग्रामीण मजदूर पहले से रोजगार योजनाओं से जुड़े हुए हैं। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो राज्य के लाखों सक्रिय श्रमिकों को इसका लाभ मिल सकता है। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को रोजगार और आजीविका के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है, जिससे आर्थिक असुरक्षा कम हो सके।
अंतिम फैसला कैबिनेट की मंजूरी के बाद
हालांकि फिलहाल यह योजना मसौदे और प्रस्ताव के चरण में है। इसके अंतिम स्वरूप, पात्रता, भत्ते की राशि और लागू होने की तिथि को लेकर आधिकारिक घोषणा कैबिनेट की मंजूरी के बाद ही सामने आएगी। इसलिए लाभार्थियों को सरकार की आधिकारिक अधिसूचना का इंतजार करना होगा।

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