राम मंदिर दान चोरी केस में बड़ा फैसला, आरोपियों की पैरवी करने पर वकील से वसूले जाएंगे 5 लाख रुपये का जुर्माना
आठों आरोपी 14 दिन के लिए जेल भेजे गए, बार एसोसिएशन ने आरोपियों का केस न लड़ने का किया ऐलान

अयोध्या में राम मंदिर के दान से जुड़े कथित चोरी मामले में पुलिस कार्रवाई के बाद विवाद और बढ़ गया है। एसआईटी की जांच के आधार पर गिरफ्तार किए गए आठों आरोपियों को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। इसी बीच फैजाबाद बार एसोसिएशन ने भी इस मामले को लेकर बड़ा फैसला लिया है।
सोमवार को हुई बार एसोसिएशन की बैठक में तय किया गया कि दान चोरी मामले के किसी भी आरोपी की ओर से कोई सदस्य वकील अदालत में पैरवी नहीं करेगा। एसोसिएशन ने साफ कहा कि अगर कोई वकील इस फैसले के खिलाफ जाकर आरोपियों का केस लड़ता है, तो उस पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। यह निर्णय एसोसिएशन के अध्यक्ष और आम सभा की सहमति से लिया गया।
बैठक में वकीलों ने राम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारी चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव को लेकर भी नाराजगी जताई। उन्होंने मांग की कि तीनों लोग तीन दिनों के भीतर अयोध्या छोड़ दें। वकीलों का कहना है कि मंदिर के दान से जुड़ी कथित चोरी की घटना से श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई हैं और इस मामले में सख्त रुख अपनाना जरूरी है।
बार एसोसिएशन के सचिव शैलेंद्र जायसवाल ने बताया कि यह फैसला सभी सदस्यों की सहमति से लिया गया है। उनका कहना है कि मंदिर से जुड़े इस मामले को देखते हुए एसोसिएशन ने आरोपियों की ओर से कोई कानूनी पैरवी न करने का निर्णय लिया है। वहीं, पुलिस मामले की आगे की जांच में जुटी है और एसआईटी की जांच भी जारी है।
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