मोतिहारी में SFC के मजदूरों की हड़ताल, न्यूनतम मजदूरी और बकाया भुगतान को लेकर प्रदर्शन तेज
लोडिंग-अनलोडिंग मजदूरों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर जिले भर में हड़ताल शुरू कर दी है. जिला प्रबंधक कार्यालय का घेराव करते हुए मजदूरों ने फूड एंड एलाइड वर्कर्स यूनियन के बैनर तले जोरदार प्रदर्शन किया.

Motihari / Bihar (Report By- Pratik Singh): राज्य खाद्य निगम (SFC) से जुड़े लोडिंग-अनलोडिंग मजदूरों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर जिले भर में हड़ताल शुरू कर दी है. फूड एंड एलाइड वर्कर्स यूनियन के बैनर तले मजदूरों ने 21 अप्रैल को जोरदार प्रदर्शन करते हुए जिला प्रबंधक कार्यालय का घेराव किया.
यूनियन का आरोप है कि न्यूनतम मजदूरी, बकाया भुगतान और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के क्रियान्वयन में लगातार अनियमितता हो रही है. मजदूरों का कहना है कि उच्च न्यायालय के 7 अगस्त 2025 के आदेश और विभागीय निर्देशों के बावजूद पूर्वी चंपारण में न्यूनतम मजदूरी का सही भुगतान नहीं किया जा रहा.
मजदूरों के अनुसार 1 अक्टूबर 2022 से न्यूनतम मजदूरी 10.20 रुपये प्रति इकाई तय की गई थी, जिसे संशोधित कर मार्च 2026 तक 11.65 रुपये प्रति इकाई कर दिया गया. इसके बावजूद कई जगहों पर पुराने दर से भुगतान जारी है, जिससे भारी बकाया बन गया है. इसके अलावा मजदूरों ने आरोप लगाया कि उनके वेतन से 12 प्रतिशत PF और 0.75 प्रतिशत ESI की कटौती तो हो रही है, लेकिन यह राशि संबंधित खातों में जमा नहीं की जा रही.
यूनियन ने जिला प्रबंधक की भूमिका पर सवाल उठाते हुए जांच और कार्रवाई की मांग की है. साथ ही चेतावनी दी है कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा. हड़ताल के चलते राज्य के खाद्य आपूर्ति तंत्र पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है, जिससे प्रशासन और SFC अधिकारियों पर दबाव बढ़ गया है. अब देखना होगा कि सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है.
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