स्कूल का औचक निरीक्षण करने पहुंचे रामगढ़ उपायुक्त, मिड-डे-मिल सहित कई मामलों में दिया सख्त निर्देश
उपायुक्त ऋतुराज 'क्लास टीचर' की भूमिका में नजर आए. ब्लैकबोर्ड पर बच्चों को पढ़ाया, अंत में उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए सक्सेस मंत्र भी दिया.

Ramgarh, Jharkhand : विकास योजनाओं के धरातल पर क्रियान्वयन और शैक्षणिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से बुधवार को रामगढ़ उपायुक्त ऋतुराज ने दुलमी प्रखंड क्षेत्र का भ्रमण किया. इस दौरान उपायुक्त ने उत्क्रमित प्लस टू उच्च विद्यालय, चटाक पहुंचे. जहां उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, तकनीकी संसाधनों और बुनियादी व्यवस्थाओं का जायजा लिया. निरीक्षण के दौरान उपायुक्त स्वयं भी 'क्लास टीचर' की भूमिका में नजर आए और ब्लैकबोर्ड पर बच्चों को पढ़ाया.
अंत में उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए सक्सेस मंत्र दिया. उन्होंने कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है जिससे आप अपने हर सपने को सच कर सकते हैं. आप सभी अभी से अपना एक लक्ष्य निर्धारित करें और उसे पाने के लिए पूरी एकाग्रता के साथ सिर्फ और सिर्फ अपनी पढ़ाई पर फोकस करें.
डीसी का बच्चों से सीधा संवाद
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने बच्चों से सीधा संवाद कर उन्हें समय पर पाठ्य पुस्तकें, छात्रवृत्ति, पोशाक और साइकिल की राशि मिलने के संबंध में भी विस्तृत जानकारी ली. उन्होंने प्राचार्य को निर्देशित किया कि सरकार की किसी भी कल्याणकारी योजना से कोई भी छात्र वंचित नहीं रहना चाहिए और विद्यालय में अनुशासन व साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए. निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने विद्यालय की शैक्षणिक प्रगति की समीक्षा की.
'सिलेबस समय पर हो पूर्ण'
आने वाली परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए उपायुक्त ने प्राचार्य और शिक्षकों को निर्देश दिया कि सभी कक्षाओं का सिलेबस समय पर पूर्ण करना सुनिश्चित करें. उन्होंने कहा कि सिलेबस पूरा होने के बाद बच्चों को रिवीज़न के लिए पर्याप्त समय मिलना चाहिए, ताकि परीक्षा में बच्चे बेहतर परिणाम ला सकें. पढ़ाई की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा. आधुनिक शिक्षा की दिशा में विद्यालय के प्रयासों को देखने के लिए उपायुक्त सीधे आईसीटी (ICT) लैब पहुंचे. वहां उन्होंने कंप्यूटरों की कार्यशीलता को देखा और लैब में मौजूद छात्र-छात्राओं से बात की.
विद्यालय कार्यालय में जांचे कागजात
उपायुक्त ने बच्चों की कंप्यूटर दक्षता को स्वयं जांचा और उनसे कुछ प्रैक्टिकल भी करवाया जाए. निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त विद्यालय के कार्यालय पहुंचे जहां उन्होंने नोटिस बोर्ड, शिक्षक उपस्थिति पंजी और अन्य महत्वपूर्ण अभिलेखों का अवलोकन किया. नोटिस बोर्ड पर सूचनाओं के नियमित अपडेशन को लेकर उन्होंने आवश्यक निर्देश दिए. इसके बाद उन्होंने मिड-डे मील (मध्याह्न भोजन) योजना की जांच की. उन्होंने रसोई घर की साफ-सफाई देखी और भोजन की गुणवत्ता बनाए रखने और बच्चों को निर्धारित मेनू के अनुसार पौष्टिक आहार देने का सख्त निर्देश भी दिया.
खेल मैदान का निरीक्षण
बच्चों के सर्वांगीण विकास में खेलकूद के महत्व को बताते हुए उपायुक्त ने विद्यालय के खेल मैदान का भी निरीक्षण किया. खेल के मैदान की वर्तमान स्थिति को देखते हुए उन्होंने प्राचार्य और संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि खेल ग्राउंड को जल्द से जल्द अपग्रेड और सुव्यवस्थित किया जाए, ताकि बच्चों को खेलकूद के बेहतर अवसर मिल सकें. भ्रमण के दौरान प्रभारी पदाधिकारी गोनीय शाखा रवींद्र कुमार गुप्ता, प्रखंड विकास पदाधिकारी अमित कुमार, अंचल अधिकारी किशोरी यादव, जिला स्तर के कई अन्य पदाधिकारी के साथ विद्यालय सभी शिक्षक मुख्य रूप से उपस्थित थे.
(रामगढ़ से संजय कुमार की रिपोर्ट)
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