मतदान के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की प्रेसवार्ता: चुनाव में व्यवधान डालने का सरकार पर लगाया आरोप, जनता का किया धन्यवाद
झारखंड निकाय चुनाव के मतदान के बाद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने प्रेसवार्ता का आयोजन किया. जिसमें उन्होंने कई उदाहरणों के जरिए सरकार पर चुनाव न कराने की मंशा व चुनाव में व्यवधान का आरोप लगाया. साथ ही मतदाताओं पर आभार भी प्रकट किया.

Jharkhand Municipal Election 2026: मतदान की समाप्ति के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहु ने प्रेसवार्ता कर मतदाताओं, मतदान कर्मियों और निर्वाचन आयोग का आभार प्रकट किया. उन्होंने कहा कि चुनाव को लोकतंत्र का महापर्व कहा जाता है. राज्य के 48 नगर निकाय क्षेत्रों में तकरीबन 50 फासदी औसत मतदान हुए हैं, जिसमें संभवत: आखिरी सूचना आने तक इसके प्रतिशत में वृद्धि ही होगी.
"निकाय चुनाव- भाजपा के आंदोलन का परिणाम"
उन्होंने कहा कि यह चुनाव भाजपा के आंदोलनों और न्यायालय के दबाव का परिणाम है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार कभी भी निकाय चुनाव कराने के पक्ष में नहीं थी। उन्होंने कहा कि आज संपन्न चुनाव में पुलिस प्रशासन के सहारे चुनाव को प्रभावित करने के लिए राज्य सरकार ने हर हथकंडे अपनाए, जिसकी आशंका भाजपा ने पहले ही व्यक्त की थी। भाजपा ने स्पष्ट कहा था और निर्वाचन आयोग को लिखित शिकायत भी की गई थी.
"बीस हजार से अधिक मतदानकर्मी को किया गया मताधिकार से वंचित"
आदित्य साहु ने आरोप लगाते हुए कहा कि 20 हजार से ज्यादा मतदान कर्मियों को मतदान से वंचित किया गया। पोस्टल बैलेट का कोई प्रावधान नहीं किया गया। वहीं जहां भाजपा समर्थित प्रत्याशी के पक्ष में वोट पड़ने की संभावना दिखाई दी, वहां पोलिंग परसेंटेज को कम करने की कोशिश की गई। प्रशासन पूरी तरह एक समुदाय विशेष के मतदाताओं के वोट प्रतिशत बढ़ाने में जुटी रही। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भगवा गमछा लगाकर वोट देने आए मतदाताओं के साथ दुर्व्यवहार किया गया।
Vote के दौरान व्यवधान डालने की कोशिशों का दिया उदाहरण
उन्होंने कुछ उदाहरण देते हुए बताया कि मेदिनीनगर के वार्ड नंबर 6 के बूथ संख्या 3 और 4 पर प्रशासन के सहयोग से बोगस वोटिंग करायी गयी। इसी क्षेत्र के वार्ड नंबर 5 के बूथ संख्या 2 और 3 पर पोलिंग एजेंट को बाहर कर बोगस कराया गया। गढ़वा के वार्ड नंबर 20 में झामुमो समर्थित प्रत्याशी के पति के द्वारा भाजपा समर्थित वोटरों को भगाया गया। गिरिडीह में एक वर्ग विशेष के लोग खुलेआम हथियार लेकर घूमते हुए मतदाताओं को धमका रहे थे।
जुगसलाई में राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष हिदायतुल्ला खान लगभग 50 हथियारबंद लोगों के साथ मतदाताओं को धमकाया गया। साहेबगंज में व्यापारी वर्ग के मतदाताओं को सत्ताधारी दल के कार्यकर्ताओं के द्वारा धमकी दी गई। जमशेदपुर में अपराधियों के द्वारा खुलेआम महिला मतदाताओं को धमकाया गया, साथ ही गालियां भी दी गईं।
आगे आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि चक्रधरपुर में झामुमो समर्थित प्रत्याशी द्वारा वोटरों के बीच नोट बांटे गए। यही हाल चाकुलिया में हुआ। सत्ताधारी नेताओं के द्वारा पैसे बांटे गए।
कहा कि इससे स्पष्ट है कि पुलिस प्रशासन के सहारे राज्य की सत्ताधारी पार्टी ने निकाय चुनाव को पूरी तरह प्रभावित करने की कोशिश की गई। जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किया गया। मतदाता सूची ने व्यापक गड़बड़ी की गई। मतदाताओं के बूथ बड़ी संख्या में उनके घरों से कई किलोमीटर दूर कर दिए गए।
जनता के प्यार को बताया सर्वोपरि
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने मतगणना को भी प्रभावित करने की साजिश रची है। मेयर और वार्ड पार्षदों के लिए एक ही बक्से में वोट डाले गए हैं। इससे स्पष्ट हो गया है कि राज्य सरकार ने लोकतंत्र का गला घोंटने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। लेकिन जनता जनार्दन का आशीर्वाद और प्यार सर्वोपरी है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने चुनाव में बीजेपी की होने वाली जीत का आत्मविश्वास प्रकट करते हुए प्रेसवार्ता को समाप्त किया.
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