आरक्षण पर फिर गरमाई सियासत! पूर्णिया में सड़क पर उतरे लोग, UGC बिल वापस लेने और आरक्षण की समीक्षा की मांग
पूर्णिया के थाना चौक पर ‘आरक्षण समीक्षा अभियान’ के तहत एकदिवसीय धरना हुआ। प्रदर्शनकारियों ने UGC बिल वापस लेने और आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा कर लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचाने की मांग की।


पूर्णिया: थाना चौक पर रविवार को ‘आरक्षण समीक्षा अभियान’ के बैनर तले एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। इस दौरान आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा और UGC बिल को वापस लेने की मांग उठाई गई।
धरने को संबोधित करते हुए भूमिहार ब्राह्मण संघ के संयोजक विमल कुमार राय ने कहा कि सरकार को सबसे पहले UGC बिल वापस लेना चाहिए और इसके बाद आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि आरक्षण का लाभ आर्थिक रूप से कमजोर और वास्तव में पात्र लोगों तक पहुंचना चाहिए, न कि केवल किसी जाति के प्रभावशाली लोगों तक सीमित रहना चाहिए।
‘बटोगे तो कटोगे’ नारे पर भी उठाए सवाल
विमल कुमार राय ने भाजपा के ‘बटोगे तो कटोगे’ नारे का जिक्र करते हुए सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ हिंदुओं को एकजुट रहने की बात कही जाती है, जबकि दूसरी तरफ UGC समेत अन्य माध्यमों से समाज को बांटने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि करणी सेना के अध्यक्ष और बड़ी संख्या में सवर्ण समुदाय के लोग दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी धरना दे रहे हैं और उनका संगठन इस आंदोलन का समर्थन करता है।
आरक्षण की समीक्षा की मांग
प्रदर्शनकारियों ने आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा कर इसका लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचाने की मांग की। धरने के दौरान वक्ताओं ने आरक्षण और प्रस्तावित UGC बिल को लेकर अपनी आपत्तियां रखीं।हालांकि, प्रदर्शन के दौरान लगाए गए राजनीतिक आरोप आयोजकों के दावे हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
(पूर्णिया से गौरव गुप्ता की रिपोर्ट)

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