PM Modi ने मन की बात के 132वें एपिसोड में कहा कि दुनिया पहले ही कोविड महामारी के कारण लंबे समय तक कई समस्याओं से गुजरी है. उम्मीद थी कि कोरोना के बाद वैश्विक स्तर पर हालात सुधरेंगे और दुनिया तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ेगी. लेकिन विभिन्न देशों में कई वजहों से संघर्ष की स्थिति बनती गई. उन्होंने विशेष तौर से ईजरायल-यूएस और ईरान के बीच जारी युद्ध को लेकर चिंता जताई.
खाड़ी देशों का जताया आभार
प्रधानमंत्री मोदी ने मौजूदा संघर्ष की परिस्थितियों में खाड़ी देशों में रह रहे भारतीयों की मदद करने को लेकर वहां के सरकारों के प्रति आभार जताया. उन्होंने कहा कि खाड़ी देशों में रह रहे लाखों भारतीयों की वहां की सरकार मदद कर रही है, जो धन्यवाद के योग्य है.
देश में ऊर्जा संकट पर भारत की तैयारी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जिस क्षेत्र में युद्ध चल रहा है, वही भारत की ऊर्जा जरूरतों का एक बड़ा केंद्र भी है. इस कारण दुनिया भर में पेट्रोल और डीजल को लेकर संकट की स्थिति बन रही है. उन्होंने कहा कि भारत अपने वैश्विक संबंधों और पिछले एक दशक में बनी ताकत के कारण इन परिस्थितियों का मजबूती से सामना कर रहा है.
देशवासियों से जागरूक रहने की अपील
उन्होंने इस संकट की घड़ी को सूझबूझ के साथ पार करने और किसी के बहकावे में न आने की अपील की. उन्होंने कहा कि कई लोग भ्रम की स्थिति पैदा करने का काम करते हैं, जिनसे हमें बचने की आवश्यकता है.
राजनीति और अफवाहों पर चेतावनी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए, क्योंकि यह 140 करोड़ देशवासियों के हित से जुड़ा विषय है. उन्होंने कहा कि अफवाह फैलाने वाले देश को नुकसान पहुंचा रहे हैं और लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है. उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे जागरूक रहें और किसी भी अफवाह के बहकावे में न आएं.
उन्होंने भरोसा जताया कि जैसे देश ने पहले भी 140 करोड़ देशवासियों की ताकत से बड़े संकटों का सामना किया है, वैसे ही इस बार भी देश एकजुट होकर इस चुनौती से बाहर निकल जाएगा. उन्होंने कहा कि भारत की असली ताकत उसके करोड़ों नागरिकों में निहित है.









