Twisha Sharma Case: गिरिबाला सिंह ने विदाई में 2 लाख रुपये मांगा था दहेज, CBI जांच में चौंकाने वाला खुलासा
ट्विशा के परिवार का आरोप है कि गर्भपात (Abortion) के बाद उन पर 20 लाख की संपत्ति पति (समर्थ) के नाम करने का गंभीर दबाव बनाया गया था. जांच के दौरान, टीम द्वारा समर्थ का लैपटॉप, फोन, आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज जब्त कर लिए गए हैं.

Twisha Sharma Case: ट्विशा शर्मा हत्याकांड मामले में दिसंबर में ट्विशा की विदाई के समय सास गिरिबाला सिंह ने 2 लाख रुपये दहेज की मांग की थी. केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दर्ज एफआईआर में पूर्व जिला न्यायाधीश के खिलाफ यह एक आरोप है.
मध्य प्रदेश विशेष जांच समिति ने शर्मा के पति समर्थ सिंह से तीन घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की. वकील ने अपने इस दावे को दोहराया कि गर्भपात के बाद उनकी पत्नी "परेशान" थीं.
मध्य प्रदेश पुलिस ने बताया कि जांच के तहत एसआईटी ने घटनास्थल का पुनर्निर्माण किया और गिरिबाला सिंह से पूछताछ की. उन्होंने दावा किया कि ट्विशा को अपनी गर्भावस्था के बारे में पता चलने के बाद से उनके वैवाहिक जीवन में दरार आने लगी थी. आरोपी ने अपने फरार होने के बारे में पूछे जाने पर बार-बार अधिकारियों को गुमराह करने की कोशिश की.
जांच के दौरान, टीम ने समर्थ का लैपटॉप, फोन, आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज जब्त कर लिए गए हैं.
CBI ने दर्ज कराई FIR
CBI ने सोमवार को इस मामले में एफआईआर दर्ज की और भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की बेंच द्वारा जांच केंद्रीय एजेंसी को सौंपे जाने के बाद औपचारिक रूप से जांच अपने हाथ में ले ली.
CBI ने ट्विशा शर्मा के पति और उनकी सास, पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 80(2), 85 और 3(5) के साथ-साथ दहेज निषेध अधिनियम की उन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया, जो राज्य पुलिस द्वारा भी लगाई गई थीं.
ट्विशा के परिवार ने क्या कहा?
एफआईआर दर्ज कराते समय पुलिस को दिए गए बयान के अनुसार, ट्विशा के परिवार ने कहा कि उसने रात 9.41 बजे अपनी मां से बात की थी. FIR में बयान का हवाला देते हुए आरोप लगाया गया है कि कॉल के दौरान उसके पति को चिल्लाते हुए सुना गया और कॉल अचानक कट गई.
ट्विशा के परिवार का आरोप है कि गर्भपात (Abortion) के बाद उन पर 20 लाख की संपत्ति पति (ट्विशा) के नाम करने का गंभीर दबाव बनाया गया था.
बार-बार फोन करने पर गिरिबाला सिंह ने फोन उठाया और ट्विशा की भाभी को बताया कि "वह अब इस दुनिया में नहीं है" और फोन काट दिया, ऐसा आरोप है. राज्य पुलिस द्वारा संदर्भित मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी पुलिस एफआईआर को पुनः पंजीकृत करके जांच शुरू करती है, जो जांच का प्रारंभिक बिंदु होती है.
सर्वोच्च न्यायालय ने शर्मा और उनके पति के परिवार को जांच जारी रहने तक मीडिया से बात करने से बचने के लिए कहा है. न्यायालय ने कहा कि इससे सीबीआई जांच की निष्पक्षता बनी रहेगी. मध्य प्रदेश सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने टिप्पणी की कि "एक तलाकशुदा बेटी एक मृत बेटी से बेहतर है".
गिरिबाला की जमानत को दी गई चुनौती
ट्विशा की सास, गिरिबाला सिंह को दी गई अग्रिम जमानत को लेकर कानूनी लड़ाई अब और तेज हो गई है. मध्य प्रदेश सरकार और ट्विशा के पिता दोनों ने जमानत आदेश को चुनौती दी है. नोटिस जारी किए जा चुके हैं और मामले की सुनवाई 27 मई को दोपहर 2:30 बजे होगी.
ट्विशा शर्मा (32) कथित तौर पर 12 मई को भोपाल में अपने ससुराल में फांसी पर लटकी हुई पाई गई थीं. जबकि उनके ससुराल वालों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने उनकी मौत को आत्महत्या बताया है, उनके परिवार ने साजिश का आरोप लगाया है.
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