2 साल में आया फैसला! गिरिडीह कोर्ट ने हत्या के दोषी पति-पत्नी को सुनाई उम्रकैद
डुमरी थाना क्षेत्र के हत्या मामले में गिरिडीह की थर्ड एडीजे अदालत ने पति-पत्नी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। स्पीडी ट्रायल के तहत करीब दो साल में मामले का निपटारा हुआ।


गिरिडीह: एक चर्चित हत्या मामले में गिरिडीह की थर्ड एडीजे (अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश) हरिओम कुमार की अदालत ने खेमलाल महतो और अंजू देवी को दोषी ठहराते हुए उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों पर जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने इन दोनों दोषियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत हत्या के लिए आजीवन कारावास की सजा दी। इसके साथ ही, उन पर ₹10-10 हजार का जुर्माना भी लगाया गया। इसके अलावा, साक्ष्य मिटाने से संबंधित धारा 201 के तहत तीन-तीन वर्ष की कारावास और जुर्माने की सजा भी सुनाई गई।
दो साल में पूरा हुआ स्पीडी ट्रायल
यह मामला गिरिडीह जिले के डुमरी थाना क्षेत्र से संबंधित है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, साल 2024 में दोनों आरोपियों ने मिलकर एक व्यक्ति की हत्या की थी। इस मामले की सुनवाई स्पीडी ट्रायल के तहत की गई, और लगभग दो साल के भीतर ट्रायल पूरा कर लिया गया। हाल ही में अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया, जिसके बाद गुरुवार को सजा का फैसला सुनाया गया।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आया फैसला
सजा सुनाए जाने से पहले, अदालत में सरकारी वकील सुरेश मरांडी और बचाव पक्ष के वकील दीपक कुमार ने अपने-अपने तर्क पेश किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, अदालत ने बचाव पक्ष की दलीलों को मानने से इनकार कर दिया और दोषियों को सजा सुनाई। इस फैसले के साथ, हत्या के इस मामले का ट्रायल चरण समाप्त हो गया। हालांकि, दोषियों को उच्च न्यायालय में अपील करने का कानूनी अधिकार अभी भी प्राप्त है।
(गिरिडीह से मनोज कुमार पिंटू की रिपोर्ट)

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