नाबालिग से दरिंदगी करने वाले को 21 साल की कठोर जेल
पश्चिमी सिंहभूम के नाबालिग दुष्कर्म मामले में चाईबासा विशेष पोक्सो अदालत ने दोषी सोबेन सामड़ को 21 साल के सश्रम कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।

Jamshedpur: पश्चिमी सिंहभूम जिले में नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म करने के गंभीर और घिनौने मामले में विशेष पोक्सो न्यायालय ने सख्त रुख अपनाते हुए ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने मामले के मुख्य आरोपी को दोषी करार देते हुए 21 वर्ष के कठोर कारावास (सश्रम कारावास) की सजा सुनाई है। इसके साथ ही न्यायालय ने दोषी पर 25 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया है। यह महत्वपूर्ण फैसला बुधवार को चाईबासा स्थित अपर सत्र न्यायाधीश-द्वितीय संतोष आनंद की विशेष पोक्सो अदालत ने सुनाया।
कुमारडूंगी थाना क्षेत्र के तिरिलपी गांव से जुड़ा है मामला
यह सनसनीखेज वारदात पश्चिमी सिंहभूम जिले के कुमारडूंगी थाना क्षेत्र से संबंधित है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, 11 जनवरी 2024 को एक नाबालिग पीड़िता के साथ दुष्कर्म किए जाने के संबंध में कुमारडूंगी थाना क्षेत्र के तिरिलपी गांव अंतर्गत टोला कोटाचारा निवासी सोबेन सामड़ उर्फ डीबु सामड़ के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित संज्ञान लेते हुए विभिन्न धाराओं और पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था।
पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाकर दाखिल की थी चार्जशीट
प्राथमिकी दर्ज होते ही पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए छापेमारी की और आरोपी सोबेन सामड़ को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अनुसंधान टीम ने घटनास्थल से तमाम फॉरेंसिक व वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। चश्मदीदों और संबंधित गवाहों के बयान दर्ज करने के बाद पुलिस ने तय समयसीमा के भीतर अदालत में मजबूत साक्ष्यों के साथ विस्तृत आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल किया था।
गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर अदालत का कड़ा रुख
मुकदमे की सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक द्वारा पेश किए गए ठोस गवाहों के बयानों, मेडिकल रिपोर्ट और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने सोबेन सामड़ उर्फ डीबु सामड़ को नाबालिग से दुष्कर्म का पूर्ण दोषी पाया। अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए किसी भी प्रकार की नरमी बरतने से इनकार कर दिया और दोषी को 21 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा से दंडित किया। जुर्माने की राशि जमा न करने पर दोषी को अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
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