Photo दुमका में सड़क शिलान्यास पर उठे सवाल?, शिलापट्ट से संवेदक का नाम और प्राक्कलित राशि नदारद, विधायक भी रहे गैरहाजिर
दुमका जिले के शिकारीपाड़ा प्रखंड अंतर्गत नुआपहाड़ गांव में निवास करने वाले विशेष रूप से कमजोर आदिम जनजाति पहाड़िया समुदाय के ग्रामीणों का दशकों पुराना सपना अब साकार होने जा रहा है।


Dumka: दुमका जिले के शिकारीपाड़ा प्रखंड अंतर्गत नुआपहाड़ गांव में निवास करने वाले विशेष रूप से कमजोर आदिम जनजाति पहाड़िया समुदाय के ग्रामीणों का दशकों पुराना सपना अब साकार होने जा रहा है। देश की आजादी के करीब 80 साल के लंबे इंतजार के बाद इस सुदूर गांव को मुख्य सड़क मार्ग से जोड़ने के लिए लगभग पौने पांच किलोमीटर (4.75 किमी) लंबी पक्की सड़क के निर्माण कार्य का विधिवत शिलान्यास किया गया।
सांसद नलिन सोरेन ने किया शिलान्यास, NH-114A से जुड़ेगा गांव
दुमका लोकसभा क्षेत्र के सांसद नलिन सोरेन ने समारोहपूर्वक इस बहुप्रतीक्षित सड़क निर्माण कार्य की आधारशिला रखी। प्रस्तावित सड़क सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-114A) से जुड़ेगी, जिससे ग्रामीणों को प्रखंड व जिला मुख्यालय तक आने-जाने में सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। इस सड़क का निर्माण ग्रामीण कार्य विभाग (कार्य प्रमंडल) की देखरेख में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'पीएम जनमन योजना' (PM-JANMAN) के तहत कराया जाएगा।
शिलापट्ट से प्राक्कलित राशि और संवेदक का नाम गायब, उठे सवालसड़क शिलान्यास के इस महत्वपूर्ण मौके पर प्रशासनिक पारदर्शिता को लेकर कुछ गंभीर सवाल भी खड़े हो गए हैं। कार्यक्रम स्थल पर अनावरण किए गए शिलापट्ट (Foundation Plaque) पर न तो सड़क निर्माण की कुल प्राक्कलित लागत (बजट) का उल्लेख किया गया है और न ही कार्य कराने वाले संवेदक (ठेकेदार) का नाम दर्ज है। इसके अलावा शिलापट्ट पर स्थानीय शिकारीपाड़ा विधायक का नाम अंकित होने के बावजूद वे खुद इस सरकारी शिलान्यास कार्यक्रम में उपस्थित नहीं रहे, बल्कि उनके पिता व सांसद नलिन सोरेन ने अकेले ही शिलापट्ट का अनावरण किया। ग्रामीणों में शिलान्यास को लेकर कुछ नाराजगी भी दिखी। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क का शिलान्यास तो हो गया, लेकिन उन्हें इसकी पूरी जानकारी तक नहीं है कि योजना के तहत क्या काम होगा और कब से निर्माण शुरू होगा।
'आदिम जनजाति के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है सरकार'
शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए सांसद नलिन सोरेन ने कहा कि पहाड़िया समुदाय राज्य की धरोहर है और उन्हें बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराकर समाज की मुख्य धारा से जोड़ना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सड़क बन जाने से नुआपहाड़ के आदिम जनजाति परिवारों को शिक्षा, आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं और रोजमर्रा के आवागमन में वर्षों से हो रही भारी परेशानियों से हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी।

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