दखल-दिहानी के खिलाफ लोगों का फूटा गुस्सा, प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी, कई घंटों से रातू रोड जाम
रातू रोड के मुख्य मार्ग को स्थानीय लोगों द्वारा जाम कर देने से वाहनों की लंबी कतारें लग गईं. मामला 2020 से संबंधित दखल-दिहानी से जुड़ा हुआ है. लोगों की प्रशासन के प्रति नाराजगी जमकर फूट पड़ी.

Jharkhand (Ranchi): रांची शहर के सुखदेव नगर थाना क्षेत्र के जयप्रकाश नगर इलाके के स्थानीय लोगों ने रातु रोड मुख्य मार्ग जाम कर दिया. आक्रोशित भीड़ ने रातू रोड कब्रिस्तान के पास टायर जलाकर सड़क जाम कर दिया. प्रशासन से नाराज लोगों ने जमकर नारेबाजी की. वहीं जाम के कारण वाहनों की दोनों ओर लंबी कतारें लग गई.
लोगों की नाराजगी का क्या है कारण
स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्ष 2020 में लगभग 48 डिसमिल जमीन की विधिवत खरीदारी की गई थी. जमीन आदिवासी रैयत से ली गई थी और इसके एवज में लगभग डेढ़ करोड़ रुपये का भुगतान भी किया गया था. लोगों का दावा है कि जमीन की खरीद-बिक्री आपसी सहमति से हुई थी और वे पिछले कई वर्षों से वहां मकान बनाकर रह रहे थे. लेकिन जमीन के मूल मालिक की ओर से बाद में मामला दर्ज कराया गया और कोर्ट से दखल दिहानी का आदेश प्राप्त कर लिया गया.
दखल दिहानी का अर्थ
दखल दिहानी (Dakhal Dihani) का मतलब कानूनी तौर पर किसी व्यक्ति, विशेषकर भूमिहीन या वंचित वर्ग (जैसे SC/ST), को उसकी आवंटित या कानूनी रूप से अधिकार प्राप्त भूमि पर वास्तविक भौतिक कब्जा (Possession) दिलाना है. यह एक प्रशासनिक प्रक्रिया है, जिसमें प्रशासन अवैध कब्जे को हटाकर जमीन का मालिकान हक या वास्तविक उपयोग का अधिकार व्यक्ति को सौंपता है.
मंगलवार को प्रशासनिक टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और कोर्ट के आदेश के तहत जयप्रकाश नगर में बने कुछ घरों को तोड़ दिया गया. इस कार्रवाई से स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी फैल गई. प्रभावित परिवारों का कहना है कि बिना समुचित वैकल्पिक व्यवस्था और पर्याप्त समय दिए उनके आशियाने उजाड़ दिए गए.
प्रदर्शनकारियों की अपील- पुनः जांच कराया जाए
कई परिवारों का आरोप है कि उन्होंने जीवनभर की जमा-पूंजी लगाकर घर बनाया था, जो अब मलबे में तब्दील हो गया. घटना के विरोध में बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे और पुरुष सड़क पर उतर आए. प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से कार्रवाई पर रोक लगाने, मामले की पुनः जांच कराने और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग की.
"आम लोगों को बेघर कर देना समाधान नहीं"
उनका कहना है कि यदि जमीन लेन-देन में कोई कानूनी समस्या थी तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित पक्षों की है. आम लोगों को बेघर करना समाधान नहीं है. सड़क जाम की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया.
प्रशासन कर रही लोगों से बातचीत
अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की और कहा कि कोर्ट के आदेश के तहत ही कार्रवाई की गई है. देर शाम तक वार्ता जारी रहने की खबर है. फिलहाल इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है और एहतियात के तौर पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है. प्रशासन ने लोगों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है. जबकि प्रभावित परिवार न्याय की मांग पर अड़े हुए हैं.
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