कोयला, लोहा और अभ्रक पर सिर्फ झारखंडियों का हक!, MMDR पर पूर्व सांसद फुरकान अंसारी का बड़ा हमला, बकाया रॉयल्टी की मांग
पूर्व सांसद फुरकान अंसारी ने MMDR 2026 को झारखंड के हितों के खिलाफ बताते हुए कोयला, लोहा और अभ्रक पर राज्य के अधिकार तथा बकाया रॉयल्टी भुगतान की मांग की। उन्होंने JSSC-JPSC जांच और जयराम महतो विवाद पर भी बयान दिया।

MMDR Bill 2026 : खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक (MMDR) 2026 को लेकर झारखंड में जारी सियासी घमासान के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सांसद डॉ. फुरकान अंसारी ने केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने दो टूक कहा कि एमएमडीआर बिल पूरी तरह से झारखंड के हितों के खिलाफ है। केंद्र सरकार को तीनों काले कृषि कानूनों की तर्ज पर इस खनिज संशोधन बिल को भी हर हाल में वापस लेना पड़ेगा, अन्यथा राज्य की जनता और कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर झारखंड से खनिजों की आवाजाही को पूरी तरह ठप कर देंगे। उन्होंने दोहराया कि कोयला, लोहा, अभ्रक सहित तमाम खनिजों पर पहला अधिकार झारखंडियों का है और केंद्र को राज्य के बकाया रॉयल्टी मद का भुगतान तुरंत करना चाहिए।
पूर्व विधायक निर्भय शाहाबादी के आवास पहुंच जताया शोक
डॉ. फुरकान अंसारी शनिवार शाम गिरिडीह पहुंचे, जहां उन्होंने पूर्व भाजपा विधायक निर्भय कुमार शाहाबादी के आवास 'शाहाबादी हाउस' जाकर उनकी धर्मपत्नी प्रभा देवी के असामयिक निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की। उन्होंने शोकाकुल परिजनों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया। पूर्व सांसद ने कहा कि शाहाबादी परिवार से उनका दशकों पुराना पारिवारिक संबंध रहा है और प्रभा देवी का जाना पूरे समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है। ज्ञात हो कि शुक्रवार को उनके निधन के बाद शनिवार को हुए अंतिम संस्कार में विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों के गणमान्य लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए थे।
'JSSC-JPSC धांधली में CID की जांच निष्पक्ष, CBI का कोई औचित्य नहीं'
झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं (JSSC-JPSC) में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक को लेकर डॉ. अंसारी ने सीआईडी (CID) की जांच को पूरी तरह सही और पारदर्शी बताया। उन्होंने कहा कि सीआईडी निष्ठा और निष्पक्षता के साथ एक-एक कर सभी दोषियों को सलाखों के पीछे भेज रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच के दायरे में यदि सत्ताधारी दल से जुड़े लोग भी आएंगे, तो सरकार उन्हें कतई बचाने का काम नहीं करेगी। जब जांच एजेंसी तेजी से ठोस नतीजे दे रही है, तो ऐसे में सीबीआई जांच की मांग का कोई औचित्य नहीं बनता। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि यूपी, एमपी, बिहार, गुजरात और दिल्ली जैसे राज्यों में भी पेपर लीक हुए हैं, फिर भाजपा केवल झारखंड को ही निशाना क्यों बना रही है? भाजपा शासित राज्यों में सीबीआई जांच क्यों नहीं कराई जाती?
जयराम महतो विवाद पर बयान: 'जनप्रतिनिधि के माफी मांगने का औचित्य नहीं, पर भाषा हो संयमित'
डुमरी विधायक जयराम महतो और पुलिस के बीच चल रहे विवाद पर कांग्रेस नेता ने कहा कि एक जनप्रतिनिधि द्वारा माफी मांगने का कोई औचित्य नहीं बनता, इसलिए वे उनके माफी न मांगने के फैसले के साथ हैं। हालांकि, उन्होंने नसीहत देते हुए यह भी जोड़ा कि राजनीति और सार्वजनिक जीवन में अपशब्दों के प्रयोग के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए। जनप्रतिनिधियों को हमेशा संयमित और मर्यादित भाषा का प्रयोग कर अपनी बात रखनी चाहिए, जिससे अपनी बात का असर भी हो और लोकतांत्रिक मर्यादा भी बनी रहे।
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