अफसर सरकार की कठपुतली न बनें, JPSC-JSSC विवाद में रांची CO दफ्तर पहुंचे बाबूलाल मरांडी, JMM पर FIR की मांग
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC-CGL) परीक्षा में कथित अनियमितताओं व कथित धांधली को लेकर आंदोलनरत छात्रों के समर्थन में भारतीय जनता पार्टी ने अपना रुख और कड़ा कर दिया है।


Ranchi: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC-CGL) परीक्षा में कथित अनियमितताओं व कथित धांधली को लेकर आंदोलनरत छात्रों के समर्थन में भारतीय जनता पार्टी ने अपना रुख और कड़ा कर दिया है। मंगलवार को झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी कई वरिष्ठ भाजपा नेताओं और सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ रांची सदर के अंचलाधिकारी सह दंडाधिकारी (मजिस्ट्रेट) के कार्यालय पहुंचे। उन्होंने छात्रों के पुतला दहन कार्यक्रम के दौरान हुई कथित एकतरफा प्रशासनिक कार्रवाई पर कड़ा ऐतराज जताते हुए झामुमो कार्यकर्ताओं के खिलाफ निष्पक्ष जांच और प्राथमिकी दर्ज करने की जोरदार मांग उठाई।
'सरकार की कठपुतली न बनें अफसर', दंडाधिकारी पर लगाए एकतरफा कार्रवाई के आरोप
मजिस्ट्रेट कार्यालय में बातचीत के दौरान नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी प्रशासनिक पदाधिकारी को सत्ता पक्ष की कठपुतली बनकर काम करने से बचना चाहिए और केवल संविधान व विधि-सम्मत तरीके से अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुतला दहन कार्यक्रम के दौरान मौके पर तैनात दंडाधिकारी ने निष्पक्ष रुख अपनाने के बजाय एकतरफा कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता और जनप्रतिनिधि अधिकारियों को उनके संवैधानिक दायित्वों और निष्पक्षता का बोध कराने के लिए यहां पहुंचे हैं।
'JMM कार्यकर्ताओं ने किया उपद्रव, कार्रवाई छात्रों पर क्यों?' धरना देने की दी चेतावनी
मरांडी ने आरोप लगाते हुए कहा कि छात्र पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराते हुए पुतला दहन कर रहे थे। उसी दौरान झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के कार्यकर्ताओं ने जानबूझकर कार्यक्रम में बाधा पहुंचाई, हंगामा किया और छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार किया। इसके बावजूद प्रशासन ने झामुमो कार्यकर्ताओं को छोड़कर निर्दोष छात्रों पर ही कार्रवाई शुरू कर दी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि छात्राओं से अभद्रता करने वाले झामुमो नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई, तो भाजपा संबंधित कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना देने को बाध्य होगी।
सोशल मीडिया वीडियो साक्ष्य का हवाला, प्रशासनिक दखलअंदाजी पर उठाए सवाल
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि घटना से जुड़े कई वीडियो और फुटेज सोशल मीडिया पर सार्वजनिक हैं, जिनसे साफ पता चलता है कि हंगामा किसने शुरू किया। ऐसे में दंडाधिकारी को बिना किसी राजनीतिक दबाव के साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करनी चाहिए थी। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में अधिकारियों पर भारी दबाव बनाया जा रहा है और पूरी प्रशासनिक व्यवस्था चरमरा गई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि एसपी कार्यालय में बैठकर सीआईडी प्रभारी स्तर के अधिकारी कार्य कर रहे हैं, जो व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
24 अगस्त को दी गई चेतावनी के बाद सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचे भाजपा नेता
बाबूलाल मरांडी ने बताया कि उन्होंने 24 अगस्त को ही यह स्पष्ट कर दिया था कि यदि उपद्रव करने वाले JMM कार्यकर्ताओं पर FIR दर्ज नहीं होती है, तो वे 25 अगस्त को खुद मजिस्ट्रेट कार्यालय पहुंचेंगे। इसी क्रम में मंगलवार को भाजपा का बड़ा प्रतिनिधिमंडल कार्यालय पहुंचा। इस दौरान राज्यसभा के पूर्व सांसद और भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश, रांची विधायक सी.पी. सिंह, योगेंद्र प्रताप सिंह और वरुण साहू सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

specializes in local and regional stories, bringing simple, factual, and timely updates to readers.
Related Posts

गिरिडीह में पुतला दहन को लेकर सियासी घमासान, ABVP छात्र नेताओं ने JMM कार्यकर्ताओं पर लगाए आरोप

14 महीने बाद भी चार्जशीट नहीं, IAS अफसरों पर उठे सवाल!, झारखंड शराब घोटाले की CBI जांच वाली PIL पर हाईकोर्ट में सुनवाई







