दहेज के लिए ली थी बहू की जान!, रांची कोर्ट का बड़ा फैसला, पिता-पुत्र को मिली उम्रकैद की सजा
रांची कोर्ट ने दहेज हत्या मामले में उपासना रानी के पति आशीष कुमार और ससुर वकील महतो को उम्रकैद की सजा सुनाई। दोनों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।

Ranchi Civil Court: राजधानी रांची के सुखदेव नगर थाना क्षेत्र में हुए बहुचर्चित दहेज हत्या के एक मामले में अदालत ने बेहद सख्त और नजीर पेश करने वाला फैसला सुनाया है। अपर न्यायायुक्त अमित शेखर की अदालत ने विवाहिता उपासना रानी की हत्या के जुर्म में उसके पति आशीष कुमार और ससुर वकील महतो को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास (उम्र कैद) की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने दोनों दोषियों पर 10-10 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना राशि जमा न करने की स्थिति में दोनों को दो-दो साल की अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी। अदालत ने दोनों को 19 अगस्त को ही दोषी करार दे दिया था, जबकि सजा के बिंदु पर अंतिम फैसला सुनाया गया। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक सिद्धार्थ सिंह ने मजबूत पैरवी की थी।
शादी के बाद से ही बाइक और दहेज के लिए किया जा रहा था प्रताड़ित
अदालत में दर्ज प्राथमिकी और साक्ष्यों के अनुसार, यह दर्दनाक वारदात 29 जून 2020 की है। हजारीबाग के नगड़ी निवासी मृतका उपासना रानी की शादी वर्ष 2014 में सुखदेव नगर के लक्ष्मी नगर निवासी आशीष कुमार के साथ हुई थी। शादी के कुछ ही समय बाद से ससुराल पक्ष की ओर से दहेज और एक नई मोटरसाइकिल की मांग को लेकर उपासना को लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा था। ससुराल के लोग बात-बात पर उसके साथ मारपीट करते थे और लगातार जान से मारने की धमकियां देते रहते थे।
'लड़ाई-झगड़े में मर गई उपासना', पति ने फोन कर दी थी झूठी सूचना
घटना के दिन 29 जून 2020 को मृतका के पति आशीष कुमार ने अपने ससुर को फोन कर यह झूठी सूचना दी कि आपस में हुए झगड़े के दौरान उपासना की मौत हो गई है। यह दुखद और चौंकाने वाली खबर सुनते ही बदहवास पिता अपने परिजनों के साथ रांची के सुखदेवनगर स्थित बेटी के ससुराल पहुंचे। वहां पहुंचने पर उन्होंने देखा कि बेटी का शव कमरे में पड़ा था और उसके गले तथा चेहरे पर काले और गंभीर चोट के निशान साफ नजर आ रहे थे, जो साफ तौर पर गला घोंटने और बर्बरता की ओर इशारा कर रहे थे।
पिता की शिकायत पर दर्ज हुआ था केस, कोर्ट ने दिया न्याय
बेटी की संदिग्ध और खौफनाक हालत में मौत को देखकर पिता ने तुरंत सुखदेव नगर थाने में लिखित शिकायत दी। उन्होंने पति, ससुर, सास समेत अन्य ससुराल वालों के खिलाफ दहेज के लिए सुनियोजित तरीके से हत्या करने का गंभीर आरोप लगाते हुए नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामले की गहन जांच करते हुए अदालत में पुख्ता साक्ष्य और गवाह पेश किए। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों और वैज्ञानिक साक्ष्यों का गहराई से अध्ययन करने के बाद पति और ससुर को दहेज हत्या का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई, जिससे पीड़ित परिवार को आखिरकार इंसाफ मिल सका।
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