गिरिडीह में पुतला दहन को लेकर सियासी घमासान, ABVP छात्र नेताओं ने JMM कार्यकर्ताओं पर लगाए आरोप
CM हेमंत सोरेन के पुतला दहन के दौरान गिरिडीह में छात्रों और ABVP कार्यकर्ताओं के साथ कथित मारपीट का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है।


Giridih: CM हेमंत सोरेन के पुतला दहन के दौरान गिरिडीह में छात्रों और ABVP कार्यकर्ताओं के साथ कथित मारपीट का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। घटना को लेकर JMM की आलोचना के बीच मंगलवार शाम ABVP के आदिवासी छात्र नेता मंटू मुर्मू और अनीस राय ने संयुक्त प्रेसवार्ता कर पूरे मामले पर अपनी बात रखी।
प्रेसवार्ता में दोनों छात्र नेताओं ने आरोप लगाया कि 21 अगस्त को JMM कार्यकर्ताओं ने ABVP को पहले से निशाना बना रखा था। उनका कहना था कि उस दिन JMM कार्यकर्ता MMDR बिल को लेकर आंदोलन के लिए पहले से मौजूद थे। इसी वजह से ABVP कार्यकर्ताओं और छात्रों ने टावर चौक जाने के बजाय झंडा मैदान में CM हेमंत सोरेन का पुतला दहन करने का फैसला लिया।
झंडा मैदान में पहुंचा JMM कार्यकर्ताओं का हुजूम
ABVP नेताओं के मुताबिक, छात्र और कार्यकर्ता झंडा मैदान में पुतला दहन की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान बड़ी संख्या में JMM कार्यकर्ता वहां पहुंच गए। मंटू मुर्मू ने आरोप लगाया कि JMM के लखन राम, मोहम्मद असलम, सन्नी रायन, संजय सिंह, अजीत कुमार पप्पू, सुमित कुमार और मोहम्मद राजा ने उनके साथ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया।
मंटू मुर्मू का आरोप है कि इसी दौरान लखन राम ने उन्हें खींचकर भीड़ के बीच ले गए और लाठी-डंडे से मारपीट की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि JMM कार्यकर्ताओं ने उनके साथ मॉब लिंचिंग का प्रयास किया। उन्हें बचाने पहुंचे अनीस राय, अक्षय यादव और अभिजीत सिन्हा के साथ भी मारपीट किए जाने का आरोप लगाया गया है।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। मामले में पुलिस की जांच के बाद ही घटनाक्रम और आरोपों की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।
भाई को लेकर भी लगाया दबाव बनाने का आरोप
ABVP नेताओं ने कहा कि घटना के बाद मंटू मुर्मू के भाई को लेकर JMM की ओर से प्रेसवार्ता में भाजपा और ABVP पर युवाओं को बरगलाने का आरोप लगाया गया था। मंटू मुर्मू ने दावा किया कि उनका भाई वर्ष 2016 से ABVP की नीतियों से प्रभावित होकर संगठन से जुड़ा है और JMM नेताओं ने दबाव बनाकर उसे प्रेसवार्ता में शामिल कराया।
SC/ST थाना में आवेदन, 24 घंटे में कार्रवाई की मांग
मंटू मुर्मू ने 21 अगस्त की घटना को लेकर SC/ST थाना में लिखित आवेदन दिया है। इसमें जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल और मारपीट का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज करने की मांग की गई है।

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