चेहरे पर लौटी मुस्कान! खूंटी पुलिस ने खोज निकाले 53 गुम और चोरी हुए मोबाइल, SP ने खुद सौंपे फोन
खूंटी जिला पुलिस ने 'मिशन मुस्कान' के तहत आम नागरिकों को बड़ी राहत देते हुए जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से गुम और चोरी हुए 53 मोबाइल फोन सफलतापूर्वक बरामद कर मंगलवार को उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए हैं।


Khunti: खूंटी जिला पुलिस ने 'मिशन मुस्कान' के तहत आम नागरिकों को बड़ी राहत देते हुए जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से गुम और चोरी हुए 53 मोबाइल फोन सफलतापूर्वक बरामद कर मंगलवार को उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए हैं। पुलिस अधीक्षक (SP) ऋषभ गर्ग ने समाहरणालय परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सभी बरामद मोबाइल फोन उनके असली धारकों को विधिवत लौटाए। महीनों पहले खो चुके अपने महंगे मोबाइल फोन को वापस पाकर लोगों के चेहरे खिल उठे और उन्होंने खूंटी पुलिस की कार्यशैली की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए आभार जताया।
CEIR पोर्टल और तकनीकी सर्विलांस से मिली बड़ी कामयाबी
झारखंड के पुलिस महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक के निर्देश और पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में जिलेभर में गुम व चोरी हुए मोबाइल की रिकवरी के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत सभी थाना प्रभारियों और तकनीकी सेल के अधिकारियों ने समन्वित रूप से काम करते हुए केंद्र सरकार के सीईआईआर (CEIR) पोर्टल और अन्य सर्विलांस तकनीकों का प्रभावी इस्तेमाल किया। इसी तकनीकी प्रयास का नतीजा रहा कि पुलिस ने विभिन्न इलाकों से कुल 53 मोबाइल फोन ट्रैक कर बरामद करने में सफलता पाई। इससे पहले भी बीते 26 मई को जिले में 57 बरामद मोबाइल फोन उनके असली मालिकों को लौटाए गए थे।
शिकायतों पर तुरंत एक्शन लें थानेदार, एसपी ने दिए कड़े निर्देश
मोबाइल वितरण के दौरान पुलिस अधीक्षक ऋषभ गर्ग ने जिले के सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया कि वे मोबाइल गुमशुदगी या चोरी की शिकायतों को बिल्कुल भी हल्के में न लें। थानों में आने वाली ऐसी शिकायतों पर तत्काल सनहा दर्ज कर त्वरित कार्रवाई की जाए तथा CEIR पोर्टल का ज्यादा से ज्यादा उपयोग कर फोन की लोकेशन ट्रेस की जाए। उन्होंने थाना स्तर पर आम जनता के बीच CEIR पोर्टल को लेकर जागरूकता अभियान चलाने का भी निर्देश दिया।
SP की आम जनता से अपील
SP ने आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी का मोबाइल फोन कहीं गिर जाता है या चोरी हो जाता है, तो वे घबराने के बजाय तत्काल अपने नजदीकी थाने में संपर्क करें। शिकायत दर्ज कराते समय फोन का IMEI नंबर और आवश्यक विवरण पुलिस को उपलब्ध कराएं, जिससे तकनीकी माध्यमों से फोन को जल्द से जल्द ब्लॉक और ट्रैक किया जा सके।

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