देश भर में दूध उत्पादन और बिक्री करने पर अब कड़े नियम लागू होने जा रहे हैं। देश भर में दूध बेचने वालों को अब एफएसएसएआई (FSSAI) में रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा । FSSAI ने 11 मार्च को एक नोटिस जारी किया था और सभी राज्यों को आदेश दिए थे । अब तक केवल दूध से बने चीजों के लिए लाइसेंस अनिवार्य था। इस नियम को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए सभी फूड सेफ्टी कमिश्नर को निर्देश जारी हुए हैं।
दूध बेचने के लिए अब बनेगा लाइसेंस
झारखंड में दूध उत्पादन और बिक्री की प्रतिशत कई प्रमुख राज्यों से काफी ज्यादा है । ऐसे में सभी दूध बेचने वालों को जो की गली मोहल्ले में गाय या भैंस रखकर दूध बेचते थे उन्हें अब फूड सेफ्टी लाइसेंस बनवाना होगा । FSSAI के पोर्टल पर कर सकते है रजिस्ट्रेशन या फिर फूड सेफ्टी ऑफिसर के हेल्पलाइन नंबर पर करें संपर्क। अब तक ऐसा कोई भी रजिस्ट्रेशन नहीं था की कौन कैसा दूध बेच रहा है।
मिलावटी दूध और सामग्रियों पर होगी कार्रवाई
FSSAI के आदेश के साथ ही सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में फूड कमिश्नर को यह सुनिश्चित होगा कि किसी भी दूध उत्पादक या विक्रेता के द्वारा बिना रजिस्ट्रेशन दूध नहीं बेचा जाना चाहिए । दूध को हाई रिस्क के श्रेणी में रखा गया है । दूध में मिलावट से सबसे ज्यादा बीमारियां फैलने की संभावना होती है । जहां भी मिलावटखोरी होगी वहां पर भी अब कड़ी कार्रवाई हो पाएगी ।
इन लोगों के लिए पंजीकरण होगा अनिवार्य
राज्य में कई ऐसे उत्पादक है जो सीधे डेयरी सहकारी समितियों के पंजीकृत सदस्यों को दूध बेचते है तो वैसे उत्पादकों को रजिस्ट्रेशन करने की कोई जरूरत नहीं है। लेकिन जो उत्पादक दूध का कारोबार करते हैं उनका काम शुरू करने से पहले पंजीकरण करना होगा । पंजीकरण करने से अब FSSAI के पास भी रिकॉर्ड रहेगा कि कहा कौन से विक्रेता दूध बेच रहे है ।






