‘शिक्षक कहलाने के योग्य नहीं’, बक्सर मामले में शिक्षा मंत्री का बड़ा एक्शन
बक्सर के डुमरांव में दो शिक्षकों पर नाबालिग छात्राओं से यौन अपराध के गंभीर आरोप सामने आए हैं। कथित वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने पॉक्सो एक्ट में केस, तत्काल गिरफ्तारी और बर्खास्तगी के निर्देश दिए हैं।


बक्सर: जिले के डुमरांव प्रखंड क्षेत्र में दो शिक्षकों पर नाबालिग छात्राओं से यौन अपराध करने के गंभीर आरोप सामने आने के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। घटना से जुड़ा कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग और प्रशासन में भी हलचल तेज हो गई है। मामले को लेकर बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने सख्त रुख अपनाते हुए आरोपित शिक्षकों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
शिक्षा मंत्री ने बक्सर के एसपी को दोनों आरोपित शिक्षकों की तत्काल गिरफ्तारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि मामले में पॉक्सो एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही गिरफ्तारी के बाद मामले का फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से स्पीडी ट्रायल कराने की दिशा में कार्रवाई करने को कहा गया है, ताकि पीड़ितों को जल्द न्याय मिल सके।
'बच्चियों के साथ अमानवीय व्यवहार बर्दाश्त नहीं'
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि बच्चियों के साथ किसी भी तरह का अमानवीय व्यवहार स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षक के पद की जिम्मेदारी और बच्चों के प्रति भरोसे का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।
मंत्री ने बक्सर के जिलाधिकारी को दोनों निलंबित शिक्षकों की बर्खास्तगी का प्रस्ताव तत्काल शिक्षा विभाग को भेजने का निर्देश भी दिया है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति शिक्षक के पवित्र दायित्व को कलंकित करता है, वह शिक्षक कहलाने के योग्य नहीं है और ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर नरमी नहीं बरती जाएगी।
छात्र-छात्राओं की सुरक्षा पर विशेष जोर
शिक्षा मंत्री ने कहा कि अभिभावक अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर शिक्षकों पर भरोसा करते हैं। इस भरोसे को तोड़ने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कठोर कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को स्कूलों में छात्र-छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। साथ ही बच्चों से जुड़ी शिकायतों की त्वरित सुनवाई और संवेदनशील मामलों में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
दोषी पाए जाने पर नहीं मिलेगी कोई राहत
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बच्चों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। छात्र-छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा और जांच में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल मामले में पुलिस और विभागीय स्तर पर कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। वायरल वीडियो और सामने आए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच के जरिए की जानी है। पीड़ित नाबालिगों की पहचान और निजता की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उनकी कोई व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।

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