Smart City या Water City? बिहारशरीफ में 20 मिनट की बारिश ने खोली पोल
बिहारशरीफ में महज 15 से 20 मिनट की तेज बारिश के बाद NH-82 स्थित राणा बीघा बाईपास जलमग्न हो गया। घुटनों तक पानी भरने से बाइक और ऑटो फंस गए।


नालंदा: बिहारशरीफ में गुरुवार को महज 15 से 20 मिनट की झमाझम बारिश ने शहर की जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। गया-बिहारशरीफ मार्ग यानी NH-82 स्थित राणा बीघा बाईपास देखते ही देखते पानी में डूब गया। सड़क पर घुटनों तक पानी जमा होने के बाद पूरा बाईपास तालाब जैसा नजर आने लगा। जलजमाव के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बारिश के बाद बाईपास से गुजर रहे कई बाइक और ऑटो पानी में फंसकर बंद हो गए। इसके बाद स्थानीय लोगों ने मदद करते हुए वाहनों को धक्का देकर पानी से बाहर निकाला। सड़क पर पानी भरने के कारण वाहनों की रफ्तार भी धीमी हो गई और कई जगह जाम जैसी स्थिति बन गई। पैदल राहगीरों को भी पानी के बीच से गुजरने में परेशानी हुई।
दुकानों तक पहुंचा बारिश का पानी
जलजमाव का असर राणा बीघा बाईपास के आसपास मौजूद दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर भी पड़ा। दुकानदारों का कहना है कि सड़क पर पानी जमा होने से ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हुई और कारोबार पर भी इसका असर पड़ा।
स्थानीय लोगों ने जलनिकासी व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि नालों की नियमित सफाई नहीं होने के कारण बारिश का पानी तेजी से निकल नहीं पाता और सड़क पर जमा हो जाता है। लोगों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से नालों की सफाई के साथ जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग की है।
बिहारशरीफ के कई इलाकों में जलजमाव
राणा बीघा के अलावा बिहारशरीफ के बिचली खंदक, पुल के आसपास, टेलीफोन एक्सचेंज भैंसासुर, अंबेर मोड़, रांची रोड और बाजार समिति कतरा समेत कई इलाकों में भी बारिश के बाद जलजमाव देखने को मिला।
महज कुछ मिनट की बारिश के बाद शहर के कई हिस्सों में पानी जमा होने से स्थानीय लोग जलनिकासी व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर लंबे समय तक तेज बारिश हुई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
Smart City के दावों के बीच जलनिकासी बनी चुनौती
बिहारशरीफ में Smart City योजना के तहत विभिन्न विकास कार्य किए जा रहे हैं। ऐसे में बारिश के बाद सड़कों पर इस तरह पानी जमा होने की तस्वीरों ने विकास और जलनिकासी व्यवस्था को लेकर बहस छेड़ दी है।
हालांकि, जलजमाव की वजह और नालों की मौजूदा स्थिति को लेकर संबंधित विभाग की विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब स्थानीय लोगों की नजर इस बात पर है कि प्रशासन बारिश के बाद पैदा होने वाली जलजमाव की समस्या से निपटने के लिए क्या स्थायी कदम उठाता है।
(नालंदा से वीरेंद्र कुमार की रिपोर्ट)

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