चोर पकड़कर पुलिस को सौंपा, फिर किसान-ग्रामीणों पर ही FIR! मधेपुरा में पुलिस का अजब गजब एक्शन
मधेपुरा के पकिलपार में चोरी के आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले करने के बाद किसान और ग्रामीणों पर प्राथमिकी दर्ज होने का मामला सामने आया है।


मधेपुरा: हरिपुर कला पंचायत के पकिलपार वार्ड नंबर-1 में चोरी के एक आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले करने के बाद किसान और ग्रामीणों पर ही प्राथमिकी दर्ज किए जाने का मामला सामने आया है। घटना को लेकर गांव में नाराजगी है। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
मामले को लेकर गुरुवार को पकिलपार स्थित प्राथमिक विद्यालय के पास ग्रामीणों की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता सरपंच पंकज कुमार यादव ने की। इसमें मुखिया डॉ. आलोक कुमार, पंचायत समिति सदस्य सुभाष यादव, विभिन्न वार्डों के वार्ड सदस्य और बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। बैठक में ग्रामीणों ने मामले की जानकारी साझा करते हुए पुलिस की कार्रवाई पर आपत्ति जताई।
"चोरी के आरोपी को पकड़कर पुलिस को सौंपा"
ग्रामीणों के मुताबिक, 30 अगस्त की शाम करीब सात बजे गांव में चोरी के मामले में विकास कुमार नाम के युवक को ग्रामीणों ने पकड़ लिया था। ग्रामीणों का दावा है कि उसके खिलाफ मुरलीगंज और जानकीनगर थानों में पहले से कई मामले दर्ज हैं।
ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि युवक को पकड़ने के बाद पुलिस पदाधिकारी अभिषेक कुमार की मौजूदगी में उसने किसान जयनन यादव के खेत से पटसन चोरी कर मुरलीगंज के व्यापारी संजय भगत के यहां बेचने की बात स्वीकार की थी। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने युवक के साथ खुद कोई कार्रवाई नहीं की और उसे पुलिस के हवाले कर दिया।
चोरी के मामले में आवेदन देने के बावजूद FIR नहीं होने का आरोप
ग्रामीणों के अनुसार, घटना के अगले दिन किसान जयनन यादव ने थाने में लिखित आवेदन देकर पटसन चोरी के मामले में कार्रवाई और चोरी गए माल की बरामदगी की मांग की थी। ग्रामीणों का आरोप है कि इस आवेदन पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज नहीं की।
इसके उलट विकास कुमार की मां की शिकायत पर किसान जयनन यादव समेत कई ग्रामीणों के खिलाफ मारपीट और जान से मारने की नीयत से हमला करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई। इसी कार्रवाई को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है।
जनप्रतिनिधियों ने उठाए पुलिस की कार्रवाई पर सवाल
मुखिया डॉ. आलोक कुमार ने कहा कि उनकी मौजूदगी में विकास कुमार को पुलिस के हवाले किया गया था। उनका दावा है कि युवक ने पुलिस के सामने पटसन चोरी कर उसे व्यापारी के यहां बेचने की बात कही थी। ऐसे में उनका कहना है कि पुलिस को चोरी गए पटसन की बरामदगी की दिशा में भी कार्रवाई करनी चाहिए थी। सरपंच पंकज कुमार यादव ने बताया कि विकास कुमार के खिलाफ जानकीनगर थाना कांड संख्या 204/2026 और 208/2024 तथा मुरलीगंज थाना कांड संख्या 311/2024 और 412/2026 दर्ज होने की जानकारी है।
ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
बैठक में ग्रामीणों ने कहा कि यदि किसी आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले करने के बाद ग्रामीणों पर ही प्राथमिकी दर्ज होगी, तो भविष्य में लोग अपराधियों को पकड़ने में पुलिस की मदद करने से हिचक सकते हैं। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने मधेपुरा एसपी और सहरसा डीआईजी से मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जांच निष्पक्ष नहीं हुई तो धरना-प्रदर्शन और आमरण अनशन तक चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।
आरोपी के गले पर मिले चोट के निशान
वहीं, प्रभारी थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार ने ग्रामीणों के आरोपों से अलग पुलिस का पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि विकास कुमार को पकिलपार में हुई पूर्व की चोरी के मामले में गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। उन्होंने कहा कि आरोपी के गले पर चोट और फांसी के निशान दिखाई दे रहे थे। पुलिस के मुताबिक, विकास कुमार की मां की ओर से दिए गए आवेदन के आधार पर नियमानुसार प्राथमिकी दर्ज की गई है।
फिलहाल ग्रामीणों के आरोप और पुलिस के पक्ष के बीच मामले को लेकर विवाद बना हुआ है। पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि चोरी की शिकायत और ग्रामीणों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के पीछे वास्तविक घटनाक्रम क्या था।

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