नेतरहाट की नाशपाती का जलवा!, 5 टन बिक चुकी, अब 10 टन गुवाहाटी जाएगी
नेतरहाट की प्रीमियम नाशपाती को JSLPS बड़े बाजारों से जोड़ रहा है। अब तक 5 टन सप्लाई हो चुकी है, जबकि 10 टन की खेप गुवाहाटी भेजी जाएगी।

Latehar/Ranchi: नेतरहाट की पहाड़ियों में पैदा होने वाली प्रीमियम गुणवत्ता की नाशपाती अब सिर्फ स्थानीय हाट-बाजारों तक सीमित नहीं रह गई है। झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) की पहल से यहां की नाशपाती अब संगठित और बड़े बाजारों तक पहुंच रही है। JSLPS के SETU (Scaling and Enabling for Trade Upliftment) सेल के माध्यम से महिला-नेतृत्व वाले किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) को संस्थागत खरीदारों से जोड़ा जा रहा है।
5 टन नाशपाती की सप्लाई, अब 10 टन की तैयारी
इस पहल के तहत अब तक करीब 5 मीट्रिक टन उच्च गुणवत्ता वाली नाशपाती संगठित खरीदारों तक पहुंचाई जा चुकी है। वहीं, करीब 10 मीट्रिक टन नाशपाती की एक और खेप असम के गुवाहाटी भेजने की तैयारी चल रही है। इससे किसानों को स्थानीय बाजारों के अलावा बड़े और बेहतर बाजारों तक अपनी उपज पहुंचाने का अवसर मिल रहा है।
खेत से बाजार तक पूरी वैल्यू चेन पर जोर
JSLPS की पहल सिर्फ खरीदार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है। नाशपाती की पूरी वैल्यू चेन को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। इसके तहत किसानों की उपज का सामूहिक संग्रहण, वैज्ञानिक तरीके से ग्रेडिंग और छंटाई, गुणवत्ता जांच, आधुनिक पैकेजिंग और व्यवस्थित लॉजिस्टिक्स की व्यवस्था की जा रही है।
इस व्यवस्था का सीधा फायदा किसानों को मिल रहा है। बेहतर गुणवत्ता वाली उपज को व्यवस्थित तरीके से बाजार तक पहुंचाने से किसानों को अपनी नाशपाती का बेहतर मूल्य मिलने की उम्मीद बढ़ी है।
रिलायंस समेत बड़े रिटेल बाजार तक पहुंची नेतरहाट की नाशपाती
Agri Arjuna के माध्यम से नेतरहाट की नाशपाती अब संगठित रिटेल चेन तक पहुंच रही है, जिसमें रिलायंस भी शामिल है। वहीं Tincture Agri के जरिए नाशपाती की अतिरिक्त खेपों को प्रीमियम घरेलू बाजारों तक पहुंचाया जा रहा है।
ठंडी जलवायु बनी नाशपाती की खेती की ताकत
नेतरहाट की ठंडी जलवायु नाशपाती की खेती के लिए अनुकूल मानी जाती है। यह क्षेत्र झारखंड के प्रमुख नाशपाती उत्पादक इलाकों में शामिल है। अब संगठित बाजार से जुड़ने के बाद यहां के किसानों के लिए पारंपरिक हाट-बाजार से आगे निकलकर बड़े खरीदारों तक पहुंच बनाने का रास्ता खुल रहा है।
JSLPS की यह पहल नेतरहाट की नाशपाती को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के साथ ही इसे झारखंड के प्रमुख बागवानी उत्पाद के रूप में नई पहचान दिलाने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।
specializes in local and regional stories, bringing simple, factual, and timely updates to readers.
Related Posts

PM किसान योजना और फ्लिपकार्ट के नाम पर करते थे ठगी, देवघर पुलिस की रेड में धरे गए 6 साइबर क्रिमिनल

सलाखों के पीछे ही रहेगा झारखंड का सबसे बड़ा मानव तस्कर!, पन्ना लाल महतो मामले में कोर्ट का नया फैसला, 15 सितंबर को अगली तारीख







