Ranchi में जुमार नदी के तट पर मुक्ति संस्था ने 34 लावारिस शवों का कराया दाह संस्कार
रांची के जुमार नदी के तट पर आज मुक्ति संस्था की ओर से RIMS में लावारिस पड़े 34 अज्ञात शवों को पूरे विधि-विधान के साथ अंतिम संस्कार दिया गया. संस्था के अध्यक्ष ने सभी शवों को मुखाग्नि दी.

Ranchi: राजधानी रांची में दिन-रात मानवता की लाज बचाने के लिए जुटी मुक्ति संस्था बाकी अन्य स्वयं संस्थाओं के लिए एक मिसाल बन गई है. राजधानी के अलग-अलग अस्पतालों में पड़े अज्ञात और लावारिस शव जिसको मोक्ष दिलाने वाला कोई नहीं. और कई महीनों से जिनका शव अंत्येष्टि का इंतजार करता है इसके लिए यह संस्था वरदान है.
महीनों से पड़े 34 शवों को दिया गया अंतिम संस्कार
मुक्ति संस्था के लिए मानवता से बड़ी कोई दूसरा नहीं है. लावारिस और अज्ञात शवों को ये संस्था विधि-विधान के साथ दाह-संस्कार कर उन्हें मोक्ष दिलाती है. इसी कड़ी आज रविवार (30 नवंबर 2025) को मुक्ति संस्था ने राज्य के सबसे बड़े अस्पताल RIMS के मार्चरी में महीनों से पड़े करीब 34 लावारिस शवों का पूरे विधि-विधान के साथ सामूहिक दाह संस्कार कराया.
संस्था के अध्यक्ष ने शवों को दी मुखाग्नि
संस्था की तरफ से अस्पताल में पड़े सभी 34 शवों को राजधानी के जुमार नदी तट ले जाया गया और वहां सामूहिक अंतिम संस्कार दिया गया. मौके पर संस्था के अध्यक्ष प्रवीण लोहिया ने शवों को मुखाग्नि भेंट की. इस दौरान संस्था के कई सदस्य मौजूद रहें.









