मोतिहारी पुलिस असल धारकों को लौटा रही मोबाइल, एसपी द्वारा बांटे गए 25 लाख के फोन!
लोग खो गए या चोरी हो चुके मोबाइल फोन के दुबारा मिलने संभावना कम मान कर चलते हैं. इस संभावना में बढ़ोत्तरी और गुम हुए मोबाइल को लौटाकर लोगों के चेहरे में मुस्कान लाने का भरसक प्रयास कर रही बिहार पुलिस. ऑपरेशन मुस्कान की चर्चाएं लोग खूब करते दिखे.

BIHAR (MOTIHARI): निश्चित रूप से मोतिहारी पुलिस की ऑपरेशन मुस्कान नीति लोगों के चेहरे की मुस्कान लौटाने में कामयाब हो होती दिख रही है. मोतिहारी में बिहार पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर ऑपरेशन मुस्कान अभियान लगातार चलाया जा रहा है. आज फिर एकबार मोतिहारी पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात के नेतृत्व में ऑपरेशन मुस्कान के 19वें फेज में लगभग 25 लाख से ज्यादा कीमत के 112 मोबाइल की बरामदगी कर उनके असली हकदारों को सौंपा गया है. ऑपरेशन मुस्कान न सिर्फ पीड़ितों के चेहरे का मुस्कान लौटा रही है, बल्कि मोतिहारी पुलिस के प्रति लोगों में विश्वास भी पैदा कर रही है.

बता दें की आज जिला अंतर्गत सभी थानों से गुम या चोरी हुए 112 मोबाइल को बरामद कर पुलिस केंद्र में शिविर लगाकर पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने मोबाइल को उनके असली धारकों को सौंप दिया गया. वहीं इस दौरान मोबाइल पाने की खुशी लोगों के चेहरे पर स्पष्ट दिख रही थी. मालूम हो कि जिले में अपराधियों द्वारा आम लोगों से छीनतई किए गए या गुम हुए मोबाइल पुन: मिलने पर खुशी जाहिर की.
मोतिहारी के पुलिस केंद्र में एक कैम्प का आयोजन किया गया जिसमें पुलिस अधीक्षक स्वयं लोगों के बीच उनके मोबाइल का वितरण कर उनके चेहरे पर मुस्कान लाने का प्रयास करते दिखे. लोगों के बीच वितरित किए गए मोबाइल की अनुमानित कीमत लगभग 25 लाख रुपए बताए जा रहे हैं.
मौके पर मौजूद पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने कहा कि सही मायने में मोतिहारी पुलिस ने लाखों कीमत के मोबाइल न सिर्फ बरामद किया. बल्कि जिनका मोबाइल था उसे स-सम्मान वापस कर निश्चित रूप से सैकड़ों मोबाइल धारकों के चहरे पर मुस्कान वापस लौटाया.
इसके साथ ही पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने लोगों से अपील करते हुए कहा की स्मार्टफोन चोरी या गुम हो जाने पर घबराने की बजाय कुछ जरूरी कदम उठाने चाहिए. इससे उसके वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है. इसलिए सबसे पहले नजदीकी पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट दर्ज करें.
इसके बाद भारत सरकार के CEIR पोर्टल पर जाएं. वहां अपने मोबाइल नंबर और IMEI नंबर की जानकारी देकर डिवाइस को ब्लॉक कराएं. ऐसा करने पर अगर कोई भी उस फोन को इस्तेमाल करने की कोशिश करता है तो उसकी जानकारी सीधे पुलिस के पास पहुंच जाती है. इस प्रक्रिया से पुलिस के लिए अपराधी तक पहुंचना आसान हो जाता है और आपके फोन को दोबारा पाने की संभावना बढ़ जाती है.
बताते चलें की सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर (CEIR) पोर्टल भारत सरकार द्वारा शुरू किया गया है. इसकी मदद से चोरी या गुम हुए मोबाइल को पुलिस आसानी से ढूंढ सकती है. CEIR के पास देश के हर फोन की जरूरी जानकारी होती है.
रिपोर्ट: प्रतिक सिंह
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