लापता तेजस्वी खरमास के बाद निकालेंगे बिहार में यात्रा, कांग्रेस ने किया किनारा, भाजपा ने ली चुटकी
बिहार विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद नेता प्रतिपक्ष चुने गए तेजस्वी यादव की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं. उनके लंबे समय से देश से बाहर रहने की बात पर जहां विपक्ष चुटकी लेती नजर आ रही है. वही कांग्रेस ने भी कह दिया है कि अभी कांग्रेस और तेजस्वी का रास्ता अलग-अलग हो चुका है.

BIHAR (PATNA): बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में महागठबंधन की करारी हार से निराश बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव लंबे समय से देश से बाहर हैं. इस बीच तेजस्वी यादव की कुछ तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों तक पहुंच रही हैं, जिससे पता चल रहा है कि वे चुनाव के बाद घूमने का मजा ले रहे हैं. इधर इस पूरे मामले को लेकर प्रदेश में सियासत गर्म है. सत्ता पक्ष नेता प्रतिपक्ष की गैरमौजूदगी को लेकर लगातार सवाल उठा रहा है. वहीं विपक्ष के नेता उनका बचाव करने में जुटे हैं.

खरमास के बाद बिहार में यात्रा निकालेंगे तेजस्वी यादव
तेजस्वी यादव के बिहार से गायब होने की बात पर राजद के मुख्य प्रवक्ता शक्ति यादव ने एक बड़ी घोषणा कर दी है. तेजस्वी खरमास के बाद बिहार के लोगों के बीच यात्रा निकालेंगे. उन्होंने कहा कि एक करोड़ 90 लाख लोगों ने महागठबंधन को वोट दिया है. मशीन तंत्र की जीत हुई है, लोकतंत्र की नहीं. तेजस्वी मशीन तंत्र की जीत को नहीं मानते. यह यात्रा जन विश्वास, जन आकांक्षा एवं जन सरोकार को लेकर होगी. शक्ति यादव ने तीखे लहजे में कहा कि भारत में लोकतंत्र है और लोकतंत्र को खत्म करने वाले वेनेजुएला के शासक का हाल देख लें. हम कामना करते हैं कि भारत को ऐसी बुरी नजर ना लगे.
‘डिप्रेशन से थोड़ा सा बाहर निकल सकते हैं’
वहीं भाजपा ने तेजस्वी यादव के बिहार में यात्रा निकालने पर तंज कसा है. बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि तेजस्वी यादव घूमने-फिरने के लिए निकलना चाहते हैं, तो उन्हें निकलना चाहिए. इससे वह फ्रेश हो जाएंगे. विदेश में घूमने को लेकर क्या कहा जाए. जनता सब देख रही है. बिहार विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद शायद वे डिप्रेशन में है, उससे थोड़ा सा बाहर निकल पाएंगे - घूमने फिरने से. मगर कांग्रेस उनके साथ अब नहीं रहेगी, क्योंकि दोनों कभी एक साथ एक विचार के साथ नहीं रह सकते हैं. दोनों के अलग-अलग विचार हैं.
‘अभी कांग्रेस का रास्ता और उनका संघर्ष अलग है’
तेजस्वी यादव बिहार में खरमास के बाद यात्रा निकालेंगे. यह बात बिहार की राजनीतिक गलियारों में शुरू हो चुकी है. मगर इस यात्रा में कांग्रेस ने उनका साथ देने का कोई इरादा नहीं किया है. कांग्रेस के विधान पार्षद समीर सिंह ने कहा कि कांग्रेस वहां पर साथ होगी, जहां पर शीर्ष नेता फैसले लेते हैं. अभी कांग्रेस का रास्ता और उनका संघर्ष अलग है. लिहाजा तेजस्वी अपने संगठन के लिए अपने स्तर से काम करें. हम लोग अभी एक साथ नहीं हैं. एक साथ होने का फैसला कांग्रेस केंद्रीय कमेटी करेगी.
‘विपक्ष की भूमिका तो निभा नहीं रहे, बिहार की जनता के बीच जाकर क्या करेंगे’
बिहार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमा खां ने तेजस्वी यादव की यात्रा निकालने की बात पर कहा कि बिहार की जनता ने उन्हें विपक्ष में रहने का मौका दिया है और वह विपक्ष की भूमिका को भूलकर घूम रहे हैं. विपक्ष की भूमिका होती है सरकार की कमियों को सरकार के सामने लाना और इसके लिए सबसे महत्वपूर्ण स्थान विधानसभा सत्र होता है, जहां से तेजस्वी प्रसाद यादव गायब रहे. विपक्ष की भूमिका तो निभा नहीं रहे हैं. बिहार की जनता के बीच जाकर क्या करेंगे. बिहार में नीतीश कुमार के विकास के नाम पर इतनी बड़ी जीत एनडीए को मिली है. तेजस्वी यात्रा करें उससे कोई फर्क नहीं पड़ता और कांग्रेस ने तेजस्वी का साथ पहले ही छोड़ दिया है.
गौरतलब है कि बिहार विधानसभा चुनाव में राज्य की 243 सीटों में से सबसे ज्यादा बीजेपी ने 89 सीटें जीतीं. वहीं सहयोगी दल जनता दल यूनाइटेड ने 85 सीटों पर कब्जा जमाया. वहीं राष्ट्रीय जनता दल का प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा. महागठबंधन का नेतृत्व कर रही पार्टी को सिर्फ 25 सीटों पर संतोष करना पड़ा. जबकि सहयोगी दल कांग्रेस को छह सीटें मिलीं.
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